नए टेंडर में निगम ने रखी सख्त शर्त, नियम तोड़ा तो एजेंसी पर जुर्माना और कार्रवाई
इंदौर • शहर की सड़कों को धूल और कचरे से साफ रखने में अहम भूमिका निभाने वाली रोड स्वीपिंग मशीनों को लेकर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। नए टेंडर में निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि 8 साल से अधिक पुरानी रोड स्वीपिंग मशीनों का संचालन शहर में नहीं किया जा सकेगा। नई एजेंसी को ऐसी मशीनें ही उपलब्ध करानी होंगी, जिनकी उम्र 1 से 8 वर्ष के बीच हो।
इंदौर में वर्ष 2017 से रोड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल सफाई व्यवस्था में किया जा रहा है। इन मशीनों के कारण सड़क के किनारों और डिवाइडर के आसपास जमा धूल को हटाना आसान होता है।
आधुनिक मशीनों से सफाई को बेहतर बनाएंगे
निगम स्वास्थ्य विभाग के अपर आयुक्त प्रवर सिंह ने बताया कि शहर में करीब 24 रोड स्वीपिंग मशीनें चल रही हैं। इनमें से कई मशीनें पुरानी हो चुकी हैं। इसी कारण नई एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। निगम का उद्देश्य आधुनिक मशीनों के माध्यम से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
पुरानी मशीन मिली तो की जाएगी कार्रवाई
निगम ने टेंडर की शर्तों में मशीनों की उम्र को लेकर विशेष प्रावधान किया है। किसी भी स्थिति में 8 साल से अधिक पुरानी मशीन शहर की सफाई में नहीं लगाई जा सकेगी। मशीन की उम्र अधिक पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ जुर्माना और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रोड स्वीपिंग पर 38 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष हो रहे खर्च
रोड स्वीपिंग मशीनों के इस्तेमाल से मानव श्रम और समय दोनों की बचत होती है। नगर निगम के सफाई कर्मचारी जहां 4 से 5 घंटे में करीब 3 से 4 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई कर पाते हैं, वहीं रोड स्वीपिंग मशीन करीब एक घंटे में इतना काम पूरा कर देती है। मशीनों की मदद से सड़क से भारी कचरा हटाने का काम भी किया जा सकता है। इन मशीनों के संचालन और सफाई व्यवस्था पर नगर निगम हर साल करीब 38 करोड़ खर्च करता है।






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