अब तक 5 करोड़ से ज्यादा का माल और 100 से ज्यादा वाहन जब्त, सागर कांड के बाद जिले में हाई अलर्ट
इंदौर। सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पूरे प्रदेश में आबकारी विभाग एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में इंदौर जिला आबकारी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सांवेर वृत्त के ग्राम बसंदरा में एक बंद मकान से 792 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद की है। जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत 5.50 लाख रुपए बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए शराब माफियाओं ने ग्राम बसंदरा में एक बंद पड़े मकान को अपना गोदाम बना रखा है। सूचना के आधार पर 10 सितंबर की सुबह टीम ने मौके पर दबिश दी। मकान का ताला तोड़ा गया तो अंदर शराब का जखीरा देख टीम के भी होश उड़ गए। मकान के अंदर पेटियों में भरकर बड़ी मात्रा में शराब रखी हुई थी।
कितनी शराब मिली?
आबकारी अधिकारी कमलेश सोलंकी के अनुसार मौके से –
- 45 पेटी देशी शराब
- 31 पेटी अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब
- 9 पेटी बीयर
कुल 792 बल्क लीटर शराब बरामद हुई है। यह सभी शराब मध्यप्रदेश में बिक्री के लिए रखी गई थी।
किसने की कार्रवाई?
यह कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारियों धर्मेंद्र जोशी, पवन टीकेकर और निधि शर्मा के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक जया मुजाल्दे, जयेश वास्केल, मुख्य आरक्षक अंकिता लोधवाल, कमलेश निहोरे और आरक्षक संजय सिंघार, विवेक कनाडे शामिल रहे। मौके पर पंचनामा बनाकर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मकान मालिक और शराब स्टॉक करने वालों की तलाश शुरू कर दी गई है।
अब तक 5 करोड़ से ज्यादा का माल जब्त
यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद जिले के सभी एंट्री पॉइंट पर नाके लगाए गए हैं और 12 से ज्यादा टीमें फील्ड में हैं। अब तक विभाग ने –
- लगभग 4 करोड़ से अधिक की अवैध शराब जब्त की है, कुल मिलाकर 5 से 5.5 करोड़ रुपये का माल जब्त हो चुका है।
- लगभग 100 दोपहिया वाहन और 4 बड़े वाहन शराब तस्करी में जब्त किए हैं।
- एक अन्य कार्रवाई में 470 पेटी और 4151 बल्क लीटर शराब भी जब्त की गई थी।
- सागर कांड के बाद से लगभग 40 सैंपल लैब जांच के लिए भेजे गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल – बंद मकान तक शराब पहुंची कैसे?
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब एक सुनसान बंद मकान तक पहुंची कैसे? क्या यह मकान लंबे समय से अवैध शराब का गोदाम बना हुआ था? शराब कहां से लाई गई और इसे इंदौर के किन इलाकों में खपाने की तैयारी थी?
विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गया है। अधिकारियों का कहना है कि अब बंद मकान भी शराब माफियाओं के लिए सुरक्षित नहीं हैं।





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