शासकीय अष्टांग आयुर्वेद विवि के आंकड़े चौंकाने वाले
इंदौर संकेत प्रतिनिधि
इंदौर। शर्म के कारण 10 साल तक स्तन की गांठ महिला छुपाती रही, जब फूटी तो मवाद और खून के साथ कैंसर बाहर निकला। यह किसी एक महिला की कहानी नहीं बल्कि शहर की तमाम महिलाओं की हकीकत है। शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के आंकड़े डरा रहे हैं। दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 (8 महीनों) में ब्रेस्ट कैंसर के 287 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। दिसंबर में यह आंकड़ा 15 था, अगस्त में 58 हो गया। वहीं हर साल 1000 कैंसर मरीजों में 40 फीसदी महिलाएं हैं।
40 फीसदी महिलाएं हैं जो ब्रेस्ट कैंसर लेकर आ रही हैं, तब जब कैंसर हड्डी, लिवर और दिमाग तक फैल चुका होता है। देर से जांच और शर्म के कारण बढ़ रहा मेटास्टेसिस का खतरा। शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय में हर साल इलाज लेने वाले करीब 1000 कैंसर मरीजों में 40 फीसदी महिलाएं हैं, जो स्तन और सर्विक्स कैंसर से पीड़ित हैं। सबसे चिंताजनक यह है कि पिछले 8 महीनों में स्तन कैंसर के नए और फॉलोअप मरीजों की संख्या में 287 फीसदी का इजाफा हुआ है।
देर से जांच और शर्म के कारण इलाज लेट शुरू होने से मेटास्टेसिस का खतरा बढ़ रहा है, ऐसे में आयुर्वेद और नई शुरू हुई ओजोन थेरेपी मरीजों के लिए उम्मीद बन रही है। 2025 की बात करें तो कुल 1013 मरीजों ने आयुर्वेद से इलाज लिया। इनमें नए मरीज 379 (37.41 फीसदी) और फॉलोअप में 634 (62.5 फीसदी) हैं। फॉलोअप का ज्यादा होना इलाज से लाभ का संकेत है। कुल 513 पुरुष और 500 महिलाएं थीं।
स्तन कैंसर का ग्राफ तेजी से बढ़ा
8 महीनों (दिसंबर 2025 से अगस्त 2026) में 293 नए कैंसर मरीज आए, उसमें 67 सिर्फ स्तन कैंसर की महिलाएं थीं। ये 293 मरीज 1559 बार फॉलोअप में लौटे। अकेले ब्रेस्ट कैंसर की 61 महिलाएं 328 बार इलाज के लिए आईं। दिसंबर 2025 में ब्रेस्ट कैंसर के कुल 15 मरीज थे, अगस्त 2026 में यह संख्या 58 हो गई। यानी 8 महीने में 287 फीसदी की बढ़ोत्तरी।
इसलिए बढ़ रहा है स्तन कैंसर: विशेषज्ञों के अनुसार भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर का 16 फीसदी और फैलने वाले कैंसर का 23 फीसदी स्तन कैंसर है। कारण है कि 50 साल के बाद उम्र, जल्दी मासिक धर्म शुरू होना, देर तक चलना, 30 साल के बाद गर्भधारण, मोटापा, वसायुक्त भोजन, हार्मोन थेरेपी, BRCA-1 व 2 जीन और शर्म के कारण जांच में देरी।
कैंसर चिकित्सा में सक्रिय भूमिका
कैंसर चिकित्सा में डॉ. अखिलेश भार्गव, संचालक आयुर्वेद कैंसर यूनिट एवं ओजोन थेरेपी यूनिट, विभागाध्यक्ष शल्य तंत्र, डॉ. श्वेता वर्मा असिस्टेंट प्रोफेसर, सर्जरी डिपार्टमेंट, डॉ. शेखर पटेल असिस्टेंट प्रोफेसर सर्जरी डिपार्टमेंट, शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय कैंसर की चिकित्सा के साथ-साथ समय-समय पर काउंसिलिंग कर रहे हैं।





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