करोड़ों का टीडब्ल्यूएफ फंड, लेकिन जितनी राशि जमा हुई उसके मुकाबले वितरण कम
इंदौर संकेत प्रतिनिधि
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में शिक्षकों के पेंशन और मृत्युकालीन देयकों में कटने वाले ‘टीचर्स वेलफेयर फंड’ (टीडब्ल्यूएफ) को लेकर विवाद गहरा गया है। वर्षों से एकत्र हो रहे करोड़ों रुपए के इस फंड के प्रबंधन, जमा राशि और वास्तविक उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, पूर्व अधिकारियों और कार्यपरिणी परिषद के सदस्यों ने पारदर्शी प्रबंधन की मांग की है।
क्या है टीडब्ल्यूएफ, कैसे होती है कटौती ?: जानकारी के अनुसार टीडब्ल्यूएफ विश्वविद्यालय की एक कल्याणकारी व्यवस्था का हिस्सा है। अक्सर यह भ्रम रहता है कि शिक्षकों के मासिक वेतन से इस फंड की कटौती होती है, जबकि वास्तविकता यह है कि शिक्षकों के नियमित वेतन से कोई कटौती नहीं होती। जब शिक्षक अवकाशित होते हैं या सेवा से जुड़े अन्य भुगतान प्राप्त करते हैं, तो उन्हें मिलने वाले परिलब्धियों में से 4 प्रतिशत की राशि टीडब्ल्यूएफ के नाम पर काटी जाती है।
पारदर्शिता पर उठे सवाल: मामले से जुड़े लोगों ने कहा है कि फंड में लगातार राशि जमा होने के बावजूद इसका पूरा और सार्वजनिक विवरण उपलब्ध नहीं है। सवाल यह है कि टीडब्ल्यूएफ में अब तक कुल कितनी राशि जमा हुई है और वर्तमान में इस बैंक खाते में कितनी राशि शेष है?
अधिकारियों का आरोप: अब तक कितने शिक्षकों या उनके परिजनों को आर्थिक सहायता दी गई और कुल कितनी राशि वितरित की गई? कार्यपरिणी परिषद के सदस्यों ने टीडब्ल्यूएफ को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आगामी 7 सितंबर को होने वाली बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की घोषणा की है।
फंड के उपयोग और पारदर्शिता पर सवाल
उपयोग और खर्च में अस्पष्टता: शिक्षकों के अनुसार, फंड का उपयोग किन मदों में हो रहा है, इसकी कोई स्पष्ट और सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
संरचना पर सवाल: टीडब्ल्यूएफ को लेकर उठ रहे सवालों का असर उन शिक्षकों की आर्थिक और पारिवारिक स्थितियों पर भी पड़ रहा है।
सहायता की शर्तें: टीडब्ल्यूएफ से सहायता किन परिस्थितियों में और किस आधार पर दी जाती है, इसकी स्पष्ट प्रक्रिया क्या है?
ग्रुप और वापसी की शर्तें : एक शिक्षक को अधिकतम कितनी सहायता राशि वापस करनी होती है, और यदि हां, तो ब्याज दर व समय-सीमा क्या है?
मृत्यु के कारण सटीक आंकड़ा नहीं है उपलब्ध :
यह फंड मुख्य रूप से शिक्षकों या उनके परिवारों को दुर्घटना, गंभीर बीमारी या असमय निधन जैसी आकस्मिक स्थितियों में मदद देने के लिए उपयोग किया जाता है। दुर्भाग्य के कारण वर्तमान में मौत के आंकड़े उपलब्ध न होने की बात कहते हुए रजिस्टर प्रस्तुत किए गए हैं। रुपए, लेखा एवं परिषद बैठक में वितरण राशि के बाद की जमा राशि और आवंटन का विस्तृत ब्यौरा दिया जा सकेगा।






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