इंदौर। अनुसूचित जाति मोर्चा नगर अध्यक्ष इंदौर महानगर भूपेंद्र चौहान द्वारा जारी घोषित सूची के बाद संगठन के भीतर चल रही खींचतान भी सामने आने लगी है। खासतौर पर महामंत्री के दो पदों को लेकर पार्टी के अंदर नेताओं के बीच कई नामों को लेकर खींचतान दिखाई दे रही है। कोई खुलकर नहीं बोल पा रहा है, लेकिन मंत्री और विधायकों की पसंद-नापसंद दिखाई दे रही है।
अनुसूचित जाति मोर्चा की भूमिका महत्वपूर्ण
आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा में अनुसूचित जाति मोर्चा की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही वजह है कि विधानसभा स्तर पर विधायकों ने भी अपने समर्थकों को संगठन में जिम्मेदारी दिलाने के लिए नाम आगे बढ़ाए। बताया जा रहा है कि अधिकांश विधायक अपनी पसंद के नामों को पद दिलाने में सफल भी रहे हैं।
खास बात यह है कि किसी संगठनात्मक नियुक्ति में सांसद शंकर लालवानी की इस तरह से सक्रिय रुचि पहली बार देखने को मिली है, जिसने इस नियुक्ति को सामान्य संगठनात्मक फेरबदल के बजाय राजनीतिक रूप से भी चर्चा में ला दिया है।
वहीं भाजपा ने अनुसूचित जाति मोर्चा नगर पदाधिकारियों में मन की बात प्रभारी ऋतिराज भारती, प्रशिक्षण वर्ग प्रभारी दुर्गा चौहान, जनप्रतिनिधि संपर्क प्रमुख पंकज करोसिया और सामाजिक संपर्क प्रमुख सुनील वर्मा को बनाया गया है।
महामंत्री पद के लिए कई दावेदार मैदान में थे
एक महामंत्री पद के लिए विधायक गोलू शुक्ला और सुमित मिश्रा की पसंद के रूप में भरतसिंह खड़ का नाम पहले से तय माना जा रहा था, जबकि दूसरे पद को लेकर कई भाजपा नेता दावेदार के रूप में मैदान में थे।
इस पद के लिए नितेश खांडकर, बबलू वेद, दीन चौहान और आशीष खेड़े के नाम चर्चा में थे। बबलू वेद पूर्व में भी महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और दोबारा पद के लिए दावेदारी कर रहे थे। वहीं नितेश खांडकर के नाम को लेकर सांसद शंकर लालवानी ने विशेष रुचि दिखाई और अंततः खांडकर को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। वहीं दीन चौहान और आशीष खेड़े को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





Total Users : 31508
Leave a comment