उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार दोपहर दर्शन व्यवस्था को लेकर कुछ कांवड़ियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इंदौर निवासी सचिन मराठा अपने करीब 30-40 साथियों के साथ नंदी हॉल में बैरिकेडिंग पार कर सीधे दर्शन करने की जिद करने लगा। समझाने पर विवाद बढ़ गया और कथित रूप से बैरिकेडिंग तथा व्यवस्थात्मक अवरोधों को क्षतिग्रस्त किया गया।
सावन माह के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है और दर्शन निर्धारित बैरिकेडिंग व्यवस्था के माध्यम से कराए जा रहे थे। इसी दौरान सचिन मराठा और उसके साथियों ने नंदी हॉल से सीधे दर्शन कराने की मांग की। समझाने पर मामला विवाद में बदल गया। घटना के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। मंदिर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों में रोहित पाटीदार, अभिषेक चौधरी, सुरेश सोलंकी, विक्रम मालवीय, जितेंद्र, ममता वारी और निशा के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों के हाथ, पैर, सिर और कोहनी पर चोटें आई हैं।
मामले में कोर सिक्योरिटी कंपनी के सुपरवाइजर प्रदीप वाघम, निवासी ग्राम रूई, देवासगढ़, उज्जैन की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सचिन मराठा तथा 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ सुरक्षाकर्मियों से मारपीट अथवा निर्धारित दर्शन व्यवस्था का उल्लंघन करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मंदिर समिति ने जताई सख्ती
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की बात कही है। समिति ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था की आड़ में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़, बैरिकेडिंग तोड़ना, मंदिर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सुरक्षाकर्मियों से मारपीट अथवा निर्धारित दर्शन व्यवस्था का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। समिति ने श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने, निर्धारित मार्ग और दर्शन व्यवस्था का पालन करने तथा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम रूप से बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।




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