इंदौर। इंदौर में बारिश और नमी के बीच कई इलाकों में मच्छरों की संख्या बढ़ने से लोग परेशान हैं। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। जलभराव, नालियों और आसपास जमा पानी के कारण मच्छरों के पनपने की स्थिति बनी हुई है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण की कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मच्छरों की समस्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई रहवासी क्षेत्रों में लोगों को शाम के समय घरों में भी मच्छरों से राहत नहीं मिल रही है। लोगों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का भी डर सता रहा है।
जलजमाव बना मच्छरों के लिए मुफीद जगह
बारिश के बाद खाली प्लॉट, नालियां, निर्माण स्थलों, कूलर, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। ऐसे में केवल नालियों की सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि घरों और आसपास जमा पानी को भी हटाना जरूरी है।
फॉगिंग को लेकर उठ रहे सवाल
लोगों की शिकायत है कि जिन क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या ज्यादा है, वहां नियमित रूप से फॉगिंग नहीं हो रही। कुछ जगहों पर फॉगिंग होने के बावजूद उसका असर लंबे समय तक दिखाई नहीं देता। ऐसे में केवल फॉगिंग के बजाय लार्वा नियंत्रण, नालियों की सफाई और जलजमाव खत्म करने पर भी जोर देने की जरूरत है। इंदौर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है।
बीमारी का खतरा बढ़ने की चिंता
मानसून के दौरान मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इंदौर में बारिश और नमी के कारण अन्य संक्रमणों को लेकर भी स्वास्थ्य संबंधी चिंता सामने आ चुकी है। लोगों का कहना है कि मच्छरों की समस्या को गंभीर होने से पहले ही नियंत्रित किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव, नालियों की सफाई और जलजमाव की तत्काल निकासी जरूरी है।




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