इंदौर • इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईडीए) ने राऊ की स्कीम 97 पार्ट-4 में लगभग 33 एकड़ जमीन पर अर्बन फॉरेस्ट (नगर वन) विकसित करने के लिए ओपन टेंडर मंगाए हैं। इस पहल का मकसद शहर के लिए एक खास ‘ग्रीन जोन’ (हरियाली वाला इलाका) बनाने के लिए लगभग 2.5 लाख पेड़ लगाना है।
आईडीए के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर परीक्षित जाडे के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को इंदौर के मौजूदा ग्रीन कवर (लगभग 17.5%) को 1 प्रतिशत पॉइंट तक बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। जाडे ने कहा, ‘कुल 2.5 लाख पेड़ हर साल लगभग 5,000 से 6,250 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड सोखेंगे। यह एक सामान्य अनुमान पर आधारित है कि एक स्वस्थ, पूरी तरह से विकसित पेड़ सालाना लगभग 20 से 25 किलोग्राम CO2 सोखता है।’ ‘इस साइट के लेआउट में 8.5 एकड़ जमीन पर मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल करके घने पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, साथ ही 3.5 एकड़ में सामान्य घना जंगल भी होगा। साइट की बाउंड्री पर 2.27 किलोमीटर लंबी दीवार बनाई जाएगी।’ जाडे ने बताया, ‘यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 13.5 एकड़ और दूसरे चरण में लगभग 17 एकड़ जमीन शामिल होगी।’
वॉटर बॉडीज और ड्रेनेज:
प्राकृतिक जल प्रवाह के साथ 3,234 वर्ग मीटर का तालाब बनाने की योजना है, साथ ही 4.5 मीटर चौड़े बायोसवेल और प्राकृतिक नहरें भी होंगी।
मनोरंजन की सुविधाएं:
नेचर वॉक, ओपन जिम, बच्चों के लिए ऊंचे स्थान पर बना खेलने का एरिया, मेडिटेशन और योग जोन, एक फूड स्टॉल और एक वॉचटावर बनाने की योजना है।





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