सिर्फ ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर ही हुआ शुरू, टेंडर प्रक्रिया में उलझा मामला
इंदौर। जिला अस्पताल में निर्माण कार्य पूरा होने के लगभग एक माह बाद भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल के अधिकांश फ्लोर पर फर्नीचर का काम अधूरा है, जिसके चलते सभी फ्लोर अभी खाली पड़े हुए हैं और डॉक्टर्स कैबिनों में बैठकर गप्पे मार रहे हैं। जिला अस्पताल में केवल ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर ही फर्नीचर का काम हो पाया है, जिसके चलते सिर्फ इन दोनों तलों पर ही अस्पताल का संचालन हो रहा है और फिलहाल यहां केवल गायनिक (महिला एवं प्रसूति रोग) विभाग ही चल रहा है। अन्य सभी फ्लोर खाली पड़े हैं और उनमें सेवाएं शुरू होना बाकी है।
अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर भूपेंद्र शेखावत का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड ने अब तक फर्नीचर का काम नहीं किया है तो हम अस्पताल का संचालन कैसे करें। हाउसिंग बोर्ड के जिम्मेदारों का कहना है कि फर्नीचर मूल अनुबंध यानी एग्रीमेंट का हिस्सा नहीं था, इसलिए हमें टेंडर जारी करना पड़ा, जो व्यस्तता के चलते ओपन नहीं हो पा रहे हैं। बोर्ड का दावा है कि टेंडर खुलते ही अगले एक से डेढ़ महीने में फर्नीचर का काम पूरा कर लिया जाएगा।
व्यवस्थाओं पर असर, मरीजों को नहीं मिल रहा पूरा लाभ
अस्पताल के पास पर्याप्त और आधुनिक ढांचा होने के बावजूद सिर्फ फर्नीचर और इंटीरियर के काम में देरी के कारण मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोग लंबे समय से जिला अस्पताल के पूरी तरह शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभागों के बीच चल रही इस तालमेल और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा बताए गए एक से डेढ़ महीने की निर्धारित टेंडर प्रक्रिया पूरी होकर फर्नीचर का काम धरातल पर उतरता है या नहीं।




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