राऊ-राजेंद्र नगर पुलिस की तत्परता बनी मिसाल, प्राथमिक उपचार और त्वरित कार्रवाई से बची छात्र की जान
इंदौर। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे पुलिस जवानों ने एक बार फिर अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। राऊ और राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे पुलिसकर्मियों ने सड़क पर बाइक से गिरकर बेहोश हुए एक छात्र को समय रहते सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर उसकी जान बचा ली। इसके बाद बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर मिली प्राथमिक चिकित्सा और अस्पताल में इलाज मिलने से छात्र की हालत में सुधार हो गया।
चलती बाइक से अचानक नीचे गिरा छात्र
जानकारी के अनुसार, दो छात्र मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में पीछे बैठा छात्र अचानक असंतुलित होकर चलती बाइक से नीचे गिर पड़ा। सिर के बल सड़क पर गिरने के कारण वह मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग घबरा गए और कुछ देर तक समझ नहीं पाए कि छात्र की मदद कैसे की जाए।
पेट्रोलिंग कर रहे पुलिस जवानों ने दिखाई तत्परता
उसी समय कांवड़ यात्रा के मद्देनजर क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे राऊ थाने के प्रधान आरक्षक बलराम चौहान तथा राजेंद्र नगर थाने के पुलिसकर्मी राहुल बोर्डिया और विवेक प्रजापति की नजर सड़क पर पड़े छात्र पर पड़ी। पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना किसी देरी के छात्र की स्थिति का आकलन किया।
जब उन्होंने देखा कि छात्र की सांसें सामान्य नहीं हैं और वह अचेत अवस्था में है, तो जवानों ने तत्काल प्राथमिक उपचार के तहत सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। कुछ ही देर में छात्र की स्थिति में सुधार के संकेत मिलने लगे।
ऑटो की व्यवस्था कर तुरंत अस्पताल पहुंचाया
छात्र की हालत को देखते हुए पुलिस जवानों ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्काल एक ऑटो रिक्शा की व्यवस्था की और घायल छात्र को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया और समय पर लाने के कारण उसकी जान बच गई।
समय पर सीपीआर बना जीवनदान
डॉक्टरों के अनुसार, यदि छात्र को समय पर सीपीआर नहीं मिलता और अस्पताल पहुंचाने में देर हो जाती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिस जवानों द्वारा दिखाई गई सूझबूझ और त्वरित निर्णय ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
रहवासियों ने पुलिस की सराहना की
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों और राहगीरों ने पुलिस जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवता की जमकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने का काम भी पूरी जिम्मेदारी से कर रही है।
सीपीआर की जानकारी हो सकती है जीवनरक्षक
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक या अचानक बेहोशी जैसी परिस्थितियों में यदि आसपास मौजूद लोगों को सीपीआर देना आता हो, तो अस्पताल पहुंचने से पहले कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। ऐसे मामलों में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है।





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