40 बस्तियों में बदलेगी 30 साल पुरानी ड्रेनेज लाइन
इंदौर |केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड से लगभग 302.70 करोड़ रुपये की सहायता मिलने के बाद नगर निगम ने शहर की 30 साल पुरानी जर्जर ड्रेनेज लाइनों को बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने पर हजारों परिवारों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा।
शहर के पुराने हिस्सों में समय के साथ ड्रेनेज पाइपलाइनें कमजोर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर रिसाव होने से सीवरेज का पानी पेयजल पाइपों तक पहुंच जाता है, जिससे विशेषकर बारिश के मौसम में सबसे अधिक परेशानी होती है। भागीरथी सहित कई क्षेत्रों से दूषित पानी की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए नगर निगम ने जल प्रदाय और सीवरेज नेटवर्क के व्यापक आधुनिकीकरण की योजना तैयार की है।
परियोजना की कुल लागत 1214.54 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें 907.74 करोड़ रुपये जल प्रदाय व्यवस्था को आधुनिक बनाने और 305.80 करोड़ रुपये ड्रेनेज नेटवर्क के उन्नयन पर खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत 302.70 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत की है, जबकि शेष राशि राज्य सरकार और नगर निगम द्वारा वहन की जाएगी।
40 नई पानी की टंकियों का भी होगा निर्माण
योजना के तहत शहर में 40 नई पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही लगभग 1600 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन को बदलकर नई लाइनें बिछाई जाएंगी तथा जर्जर ड्रेनेज नेटवर्क का नए सिरे से विकास किया जाएगा। इससे न केवल दूषित पानी की समस्या दूर होगी, बल्कि तेजी से बढ़ती आबादी की जरूरतों के अनुरूप जलापूर्ति व्यवस्था भी अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेगी।
डीपीआर हो रही तैयार
नगर निगम के जल प्रदाय विभाग के प्रभारी अरविंद शर्मा के अनुसार परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। डीपीआर पूर्ण होने के बाद इसे राज्य शासन से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।




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