भोपाल। दतिया उपचुनाव से पहले एसआईआर के बाद मतदाता सूची से 7,239 नाम हटे। यह संख्या 2023 की जीत के अंतर के करीब है। कांग्रेस ने सूची सत्यापन के निर्देश दिए हैं।
दतिया में 7,239 वोटर कम हुए हैं और 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का अंतर भी लगभग इतना ही था। एसआईआर के बाद दतिया की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है। नरोत्तम मिश्रा की हार के वोट अंतर और हटे मतदाताओं की संख्या लगभग समान होने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। उपचुनाव से पहले कांग्रेस ने बुधवार को मतदाता सूची की जांच के निर्देश दिए। 2,27,649 से घटकर 2,20,410 मतदाता होने के बाद दतिया में गणित बदल गया है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन जमा हो चुके हैं। 16 जुलाई को नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होगी। यह चुनाव एसआईआर के बाद बनी नई मतदाता सूची के आधार पर होगा। इस सूची में दतिया के 7,239 मतदाता कम हो गए हैं। वर्ष 2023 में कांग्रेस यहां सिर्फ 7,742 वोटों से जीती थी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रत्याशियों ने अपने नामांकन जमा कर दिए हैं। 16 जुलाई को नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि मैदान में वास्तविक रूप से कौन-कौन उम्मीदवार रहेंगे। यह उपचुनाव पहले की तुलना में अलग माना जा रहा है, क्योंकि मतदान विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद तैयार नई मतदाता सूची से कराया जाएगा। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती ने भाजपा के डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों के अंतर से हराया था। उल्लेखनीय बात यह है कि अब मतदाता सूची से हटे मतदाताओं की संख्या भी लगभग उतनी ही है। इसे दोनों प्रमुख दलों के लिए नई चुनौती माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2026 में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया था।

मतदाता सूची में बड़ी गिरावट
एसआईआर से पहले दतिया में 2,27,649 मतदाता दर्ज थे। पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर 2,20,410 रह गई है। यानी कुल 7,239 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना किसी भी चुनावी मुकाबले की रणनीति और परिणाम को प्रभावित कर सकता है।





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