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महू के ग्राम मलेंडी में चला प्रशासन का बुलडोजर, 25 करोड़ से अधिक की शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त

करीब 30 बीघा सरकारी जमीन से हटाया गया कब्जा, कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर हुई बड़ी कार्रवाई

इंदौर। जिले में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में महू तहसील के ग्राम मलेंडी में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में सरकारी संपत्तियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर महू तहसील के ग्राम मलेंडी स्थित शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण की जांच की गई थी। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि शासन के स्वामित्व की पाई गई, लेकिन लंबे समय से इस पर अवैध कब्जा कर उपयोग किया जा रहा था। मामले की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की योजना बनाई और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए।

महू एसडीएम राकेश परमार के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में भूमि की सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार ग्राम मलेंडी में लगभग 7.824 हेक्टेयर अर्थात करीब 30 बीघा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनः शासन के कब्जे में लिया गया है। प्रशासन का अनुमान है कि मुक्त कराई गई भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य 25 करोड़ रुपये से अधिक है।

कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलेभर में शासकीय भूमि की पहचान कर ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल ग्राम मलेंडी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जहां भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतें या तथ्य सामने आएंगे, वहां सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि की नियमित निगरानी की जाए ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके। इसके लिए राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

जिला प्रशासन का कहना है कि शासकीय संपत्तियां जनता की संपत्ति हैं और उनका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि सरकारी भूमि का उपयोग जनहित और विकास कार्यों के लिए किया जा सके।

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