इंदौर। महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल के 1450 बेड वाले नए भवन निर्माण की महत्वाकांक्षी परियोजना अब भी धीमी गति से आगे बढ़ रही है। करीब 10 माह पहले मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ सका है। परियोजना के तहत अस्पताल परिसर में स्थित 39 शासकीय स्टाफ क्वार्टरों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपीबीडीसी) ने पुराने ओपीडी भवन के पीछे स्थित इन क्वार्टरों के ध्वस्तीकरण के लिए टेंडर जारी किए हैं। ठेका आवंटित होने के बाद तीन माह के भीतर क्वार्टर हटाने का लक्ष्य रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने अधिकांश डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को आवास खाली करने के निर्देश दिए हैं। कई परिवार अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि कुछ की प्रक्रिया जारी है। परियोजना स्थल पर अभी भी बड़ी मात्रा में मलबा मौजूद है और साइट पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। खुदाई का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। हाल ही में मशीनों की मदद से अर्थवर्क शुरू किया गया है। निर्माण क्षेत्र में आने वाले पेड़ों के स्थानांतरण की अनुमति का भी इंतजार किया जा रहा है।
करीब 773 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग, ऑडिटोरियम और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभाग विकसित किए जाएंगे। हालांकि लेआउट प्लान में संशोधन और साइट तैयार करने में हो रही देरी के कारण परियोजना की निर्धारित तीन वर्ष की समय सीमा चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है।





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