इंदौर। धार रोड स्थित 83 करोड़ रुपए की लागत से बने नए जिला अस्पताल के लोकार्पण को 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन यहां अब तक सीजेरियन डिलीवरी की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। 15 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 300 बिस्तरों वाले अस्पताल का लोकार्पण किया था। उस समय 34 बेड के मातृत्व वार्ड के साथ सीजेरियन सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन गायनेक ऑपरेशन थियेटर (ओटी) अभी तक चालू नहीं हो पाया है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक ओटी शुरू करने से पहले कल्चर और माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। एक कल्चर रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, जबकि दो अन्य रिपोर्टों का इंतजार है। इनके आने के बाद ही ओटी को अंतिम मंजूरी मिलेगी और सीजेरियन डिलीवरी शुरू हो सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि इसमें अभी पांच से छह दिन और लग सकते हैं। फिलहाल अस्पताल में सामान्य प्रसव, ओपीडी, टीकाकरण और जांच सेवाएं संचालित हो रही हैं। हालांकि सीजेरियन की जरूरत वाली गर्भवती महिलाओं को एमटीएच और अन्य सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। सर्जरी सेवाएं शुरू होने में भी करीब एक माह का समय लग सकता है। अस्पताल में स्थापित कई आधुनिक मशीनें और उपकरण भी अभी पूरी तरह उपयोग में नहीं आ सके हैं। ऐसे में लोकार्पण के बाद भी मरीजों को नए अस्पताल की सभी सुविधाओं का लाभ मिलने का इंतजार है। सिविल सर्जन डॉ. भूपेंद्र शेखावत से फोन लगाकर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
अस्पताल की कई अन्य सुविधाएं भी अधूरी हैं। चौथी मंजिल पर बनाए गए दो जनरल ऑपरेशन थियेटरों का काम अभी पूरा नहीं हुआ है और इन्हें लोक निर्माण विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर नहीं किया है।





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