इंदौर। शहर के बहुप्रतीक्षित रेती मंडी ब्रिज को औपचारिक लोकार्पण से पहले ही आम वाहनों के लिए खोल दिया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण राजेंद्र नगर–राऊ मार्ग की सर्विस रोड पर जलभराव, गहरे गड्ढों और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी। इससे लोगों को घंटों तक जाम में फंसना पड़ रहा था। हालात को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने अस्थायी तौर पर ब्रिज के एक हिस्से से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी।
करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस ब्रिज का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ब्रिज पर फिनिशिंग, सुरक्षा संबंधी परीक्षण (सेफ्टी ऑडिट) और लोड टेस्ट जैसे महत्वपूर्ण कार्य अभी शेष हैं। इसके बावजूद ट्रैफिक दबाव कम करने के उद्देश्य से विभाग ने एक लेन खोलने का निर्णय लिया।
एक लेन से शुरू हुआ आवागमन
फिलहाल ब्रिज की एक लेन पर राऊ से राजेंद्र नगर की ओर जाने वाले वाहनों का संचालन शुरू किया गया है। वहीं राजेंद्र नगर से राऊ जाने वाले वाहन पहले की तरह सर्विस रोड का उपयोग कर रहे हैं। दूसरी ओर बनने वाली ब्रिज की भुजा (रैंप) का निर्माण अभी अधूरा है, जिसे पूरा होने में लगभग चार महीने का समय लग सकता है।
तीन वर्षों से चल रहा निर्माण
रेती मंडी ब्रिज परियोजना का निर्माण पिछले लगभग तीन वर्षों से जारी है। निर्माण के दौरान तकनीकी कारणों और डिजाइन में बदलाव के चलते कार्य कई बार प्रभावित हुआ। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर ब्रिज के कुछ हिस्सों का दोबारा निर्माण भी करना पड़ा, जिससे परियोजना की समयसीमा लगातार बढ़ती गई।

अब जबकि बारिश के मौसम में शहर की प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है, ऐसे में बिना औपचारिक उद्घाटन के ब्रिज खोलना विभाग की मजबूरी बन गया।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण राजेंद्र नगर–राऊ मार्ग की सर्विस रोड पर कई स्थानों पर पानी भर गया। सड़क पर बने गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को लंबी दूरी तक जाम में फंसना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की थी।
अभी बाकी हैं कई महत्वपूर्ण काम
हालांकि ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है, लेकिन इसे पूरी तरह तैयार नहीं माना जा सकता। विभाग के अनुसार अभी निम्न कार्य शेष हैं—
- ब्रिज की फिनिशिंग का काम।
- सुरक्षा मानकों की जांच।
- लोड टेस्ट और तकनीकी परीक्षण।
- दूसरी लेन और रैंप का निर्माण पूरा करना।
- अंतिम निरीक्षण के बाद औपचारिक लोकार्पण।
लोगों को मिली आंशिक राहत
ब्रिज का एक हिस्सा खुलने से राऊ और राजेंद्र नगर के बीच आने-जाने वाले हजारों वाहन चालकों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना पूरी होने और दोनों दिशाओं में यातायात शुरू होने के बाद ही इस मार्ग पर ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
फिलहाल लोक निर्माण विभाग का कहना है कि शेष निर्माण कार्य और आवश्यक परीक्षण जल्द पूरे कर ब्रिज का औपचारिक लोकार्पण कराया जाएगा। तब तक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमित रूप से यातायात संचालित किया जाएगा।





Total Users : 23445
Leave a comment