बंगाली से पलासिया तक 30 मीटर दायरे में भवनों का होगा सर्वे
इंदौर संकेत प्रतिनिधि
इंदौर। इंदौर मेट्रो अब भूमिगत निर्माण के नए चरण में प्रवेश करने जा रही है। एयरपोर्ट क्षेत्र से रेलवे स्टेशन तक भूमिगत मेट्रो का निर्माण घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर किया जाएगा। निर्माण के दौरान सड़क यातायात और नागरिकों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए जनसुरक्षा और जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इंदौर में पहली बार टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए भूमिगत मेट्रो सुरंग बनाई जाएगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार भूमिगत निर्माण के लिए मिक्स्ड फेस शील्ड टीबीएम तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे करीब 28 मीटर की गहराई में सुरंग बनाई जाएगी। सुरंग का व्यास लगभग 5.8 मीटर रहेगा। टीबीएम के आगे बढ़ने के साथ ही सुरंग के अंदर प्रीकास्ट आरसीसी रिंग्स लगाई जाएंगी। इससे सुरंग की संरचनात्मक मजबूती और स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
निर्माण शुरू होने से पहले भवनों का सर्वे
भूमिगत निर्माण के दौरान आसपास के भवनों और जमीन की सुरक्षा को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरंग निर्माण क्षेत्र के आसपास करीब 30 मीटर के दायरे में आने वाले भवनों का भवन स्थिति सर्वेक्षण किया जा रहा है। इससे निर्माण शुरू होने से पहले भवनों की मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड तैयार रहेगा। जमीन और भवनों में होने वाले बेहद मामूली बदलावों पर भी नजर रखने के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन स्कीम तैयार की गई है। इसके तहत सेंसर लगाए जाएंगे, जो जमीन या भवनों में होने वाले मामूली बदलाव की जानकारी देंगे। जरूरत पड़ने पर समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।
जमीन के नीचे काम, ऊपर यातायात सामान्य रखने की कोशिश
टीबीएम तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सुरंग का निर्माण जमीन की सतह से काफी नीचे होता है। इससे ऊपर सड़क और आसपास के क्षेत्रों में निर्माण का प्रत्यक्ष प्रभाव कम रखने में मदद मिलती है। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे शहरों में भी घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भूमिगत मेट्रो का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया है।

भ्रामक जानकारी से बचने की अपील
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने नागरिकों से अपील की है कि भूमिगत मेट्रो निर्माण से संबंधित किसी भी भ्रामक, असत्य या तथ्यहीन जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे प्रसारित करें। निर्माण से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी के लिए केवल मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और अधिकृत शासकीय माध्यमों पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
ऐसे बनेगी इंदौर की भूमिगत मेट्रो
- एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन तक भूमिगत मेट्रो का निर्माण।
- 28 मीटर गहराई में बनेगी सुरंग।
- 5.8 मीटर के करीब होगा सुरंग का व्यास।
- पहली बार टीबीएम तकनीक का इस्तेमाल।
- करीब 30 मीटर दायरे के भवनों का होगा स्थिति सर्वे।
- सेंसर से जमीन और भवनों की लगातार निगरानी।
- टीबीएम के साथ सुरंग में प्रीकास्ट आरसीसी रिंग्स लगेंगी।




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