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अप्रैल से शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया सितंबर माह तक भी नहीं हुई खत्म

उच्च शिक्षा विभाग ने तीसरे अतिरिक्त चरण के नाम पर दाखिले की तारीखें आगे बढ़ा दी

इंदौर संकेत प्रतिनिधि

इंदौर। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग की पारंपरिक पाठ्यक्रमों, बीएड और अन्य एनसीटीई पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया मजाक बनकर रह गई है। एनसीटीई पाठ्यक्रमों में सत्र 2026-27 के लिए करीब अप्रैल 2026 में शुरू हुई दाखिला प्रक्रिया सितंबर आधा बीत जाने के बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। विभाग ने फिर से आदेश जारी कर तीसरे अतिरिक्त चरण के नाम पर दाखिले की तारीखें आगे बढ़ा दी हैं। इससे सत्र लेट-लतीफी के कारण पढ़ाई पूरी तरह ठप है। 200 दिनों की अनिवार्य क्लास का नियम हवा में उड़ता नजर आ रहा है और समय पर परीक्षा होना असंभव नजर आ रहा है।

5 महीने से चल रहा ‘एडमिशन का खेल’

सूत्रों के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी पूर्व अधिसूचना के तहत सत्र 2026-27 के लिए बीएड दाखिले का शेड्यूल जारी किया गया था। मई-जून तक खत्म होने वाली प्रवेश प्रक्रिया को पहले प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण और फिर सीएलसी के दौर से गुजारा गया। अब एक बार फिर आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि तृतीय अतिरिक्त चरण लागू कर दिया गया है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन, आवेदन 11 से 13 सितंबर तक किए जा सकेंगे। दस्तावेजों का सत्यापन 11 से 15 सितंबर तक, मेरिट सूची का प्रकाशन 16 सितंबर को किया जाएगा। सीटों का आवंटन 17 सितंबर को किया जाएगा। हेल्प सेंटर पर भौतिक सत्यापन 17 से 19 सितंबर तक सकेंगे। प्रवेश शुल्क भुगतान की अंतिम तारीख 17 से 20 सितंबर तक रहेगी।

निजी कॉलेजों का दबाव और खाली सीटें

सूत्रों के अनुसार इंदौर सहित प्रदेश के सैकड़ों अशासकीय बीएड कॉलेजों में हजारों सीटें खाली पड़ी रहती हैं। कॉलेज संचालक अपनी सीटें भरने और भारी-भरकम फीस वसूलने के लिए सरकार पर बार-बार पोर्टल खोलने का प्रशासनिक दबाव बनाते हैं। वहीं कॉलेजों की सम्बद्धता, मान्यता और सीट वृद्धि को लेकर हाईकोर्ट जबलपुर में याचिकाएं दायर होती हैं, जिसके बाद कानूनी बाध्यता के कारण विभाग को बार-बार तारीखें बढ़ानी पड़ती हैं।इसके अलावा विभाग की ओर से शुरुआत में ही एक स्पष्ट और पारदर्शी टाइमलाइन लागू न कर पाना पूरे शैक्षणिक सत्र को बाधित कर रहा है।

जानिए कुल कितने कॉलेज

  • प्रदेश में पारंपरिक विश्वविद्यालय : 10
  • इंदौर में शासकीय महाविद्यालय : 15
  • प्रदेश में कुल शासकीय महाविद्यालय : 569
  • इंदौर में अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय : 10
  • प्रदेश में अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय : 73

यूजी-पीजी में भी स्थिति ठीक नहीं, फिर मौका

यूजी-पीजी में भी एडमिशन की स्थिति ठीक नहीं है। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर खाली सीटों पर प्रवेश के लिए अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) एक बार फिर से शुरू की गई है। 16 सितंबर तक एडमिशन दिए जाएंगे।

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