
13 साल की बेटी का 42 साल के व्यक्ति से किया जा रहा था विवाह, कराया निरस्त
इंदौर 13 साल की बेटी का, पोते के विवाह के चक्कर में दादा ने बहू के 42 साल के चाचा के साथ विवाह तय कर दिया। जांच करने पर पहले जो सूची दी वह परीक्षण में फर्जी पाई गई। जब पकड़ा गए तो दोनों का विवाह निरस्त कर दिया।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रजनीश सिन्हा के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम को लेकर सतत निगरानी रखी जा रही है। कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायत को लेकर परीक्षण कर बाल विवाह रोकने का प्रयास किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री सिन्हा ने बताया कि हेल्पलाइन पर दर्ज हुई शिकायत के अनुसार ग्राम रंगवासा में दो भाई बहन का विवाह 25 अप्रैल को होना तय था। सुपरवाइजर सुविधा कटारे और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने जाकर जब पूछताछ की तो परिवार ने उन्हें दोनों बच्चों की मार्कशीट उपलब्ध करा दी। जिसके अनुसार उनकी आयु विवाह के लिए पूर्ण थी। दोनों बच्चों की उम्र पर शंका होने लगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दल प्रभारी आशीष गोस्वामी और उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक को दिए। पाठक ने बताया कि इंदौर और होशंगाबाद से मिली अंक सूचियां का परीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से करवाया गया। इंदौर में बनी अंक सूची को विद्यालय ने फर्जी बताया। स्कूल ने स्पष्ट कहा कि उक्त अंक सूची उनके विद्यालय से जारी नहीं की गई है और ना ही बालिका या बालक इस विद्यालय में अध्यनरत रहे हैं। होशंगाबाद से मिली अंक सूची के अनुसार बालिका की उम्र 13 वर्ष और बालक की उम्र 19 वर्ष प्रमाणित होती है।






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