चार पंचायतों के पदाधिकारी और सैकड़ों कर्मचारियों ने आयुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर स्थायीकरण की उठाई मांग
शहर को लगातार स्वच्छता में देशभर में पहचान दिलाने वाले सफाई कर्मचारियों का आक्रोश मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय पर देखने को मिला। चार पंचायतों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी निगम मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर निगम परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और निगम प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे शहरव्यापी हड़ताल शुरू करेंगे।
ठेकेदारी प्रथा खत्म करने की प्रमुख मांग
सकल बनी पंचायत, महालाबालीक पंचायत, महामना लक्ष्मी पंचायत और वरिष्ठ जमादारी पंचायत के प्रतिनिधियों ने निगम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि सफाई कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण कार्रवाई की जा रही है तथा वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा।
कर्मचारियों ने मांग की कि नगर निगम में लागू ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए, 30 वर्षों से कार्यरत विनियमित कर्मचारियों को स्थायी किया जाए तथा 15 से 20 वर्षों से सेवा दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण किया जाए।
चेतावनी के बाद बढ़ सकता है आंदोलन
पंचायत पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। यदि तीन दिन में सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो सफाई कर्मचारी हड़ताल पर उतरेंगे, जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।




Total Users : 31515
Leave a comment