इंदौर। इंदौर नगर निगम मार्केट विभाग अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की मेहरबानियों के चलते इंदौर में जिस तरह से अवैध यूनिपोल, लॉलीपॉप और होर्डिंग की बाढ़ आई है। एक तरफ जहां उक्त खबरों के बाद मार्केट विभाग अपर आयुक्त आकाश सिंह हो या उपायुक्त गरिमा पाटीदार या विभाग का ही वह बाबू राकेश चौहान, जो कि उक्त निगम के मार्केट विभाग को चलाता है। इन लोगों में खौफ का माहौल है कि कहीं इनकी मिलीभगत अब आम जनता के सामने न आ जाए। यह सभी अधिकारी सवालों से घिरे हुए हैं। जबकि अब खबरों के बाद उक्त पूरे मामले की जांच की सरगर्मियां शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगमायुक्त शिवम वर्मा शहर में लगे यूनिपोल, लॉलीपॉप और होर्डिंगों के ऑडिट की रूपरेखा बना रहे हैं। लेकिन उच्च स्तरीय विचार मंथन के बावजूद यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या वहीं अधिकारी मार्केट विभाग को अंजाम देंगे या फिर मेयर और कमिश्नर यूनिपोल, लॉलीपॉप और होर्डिंगों के ऑडिट के लिए कोई नई टीम गठित करें।
फिलहाल यह सभी जवाब भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन यूनिपोल, लॉलीपॉप और होर्डिंगों को लेकर मार्केट विभाग के इन शक्तियों की बजाय अन्य अधिकारियों से उक्त ऑडिट को किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। सुपीरियर सर्विसेज एडवाइजिंग कंपनी द्वारा लगाए गए यूनिपोल, लॉलीपॉप और अन्य अवैध होर्डिंगों की शहर में ऐसे विज्ञापनों की बाढ़ आ गई है। बताया तो यहां जा रहा है कि PRJ OOH और सुपीरियर सर्विसेज एडवाइजिंग कंपनी द्वारा तय साइज से कहीं ज्यादा यूनिपोल और लॉलीपॉप लगाए दिए गए हैं।






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