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जलने से नहीं हुई थी पलक की मौत, प्रेमी ने गला दबाकर की थी हत्या, 48 घंटे में पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

खजराना थाना क्षेत्र की युवती की संदिग्ध मौत निकली हत्या, शादी से इनकार पर प्रेमी ने रची खौफनाक साजिश

इन्दौर। खजराना थाना क्षेत्र में दो दिन पहले आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत 26 वर्षीय युवती पलक काशिव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। शुरुआती जांच में जिस घटना को किचन में खाना बनाते समय आग लगने से हुई दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने मामले में युवती के प्रेमी मयंक शाक्य को दतिया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में हत्या करना स्वीकार कर लिया है।

पलक काशिव मूल रूप से हरदा जिले के टिमरनी की रहने वाली थीं और इन्दौर के तपेश्वरी बाग कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर आईसीआईसीआई बैंक में नौकरी करती थीं। रविवार रात उनका अधजला शव घर के किचन में मिला था। घटनास्थल पर गैस चूल्हे का बर्नर निकला हुआ था, गैस रिस रही थी और चूल्हे पर कटी हुई सब्जियां रखी थीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रारंभिक तौर पर माना गया कि खाना बनाते समय आग लगने से उनकी मौत हुई होगी। हालांकि, पुलिस ने घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच की तो कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि पलक की मौत आग से नहीं, बल्कि पहले गला दबाए जाने से हुई थी। इसके बाद शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई ताकि हत्या को दुर्घटना या आत्महत्या का रूप दिया जा सके।

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग

पुलिस ने कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तो एक नकाबपोश युवक संदिग्ध अवस्था में घटनास्थल से निकलता दिखाई दिया। उसकी पीठ पर बैग टंगा हुआ था और वह जल्दबाजी में वहां से निकल रहा था। इसके बाद साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल लोकेशन की जांच की गई। जांच में मयंक शाक्य की लोकेशन घटना के समय घटनास्थल के आसपास मिली। इसी आधार पर पुलिस ने दतिया में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

बैग में पेट्रोल लेकर पहुंचा था आरोपी

जोन-2 के डीसीपी अमन सिंह राठौर की निगरानी में पूछताछ के दौरान आरोपी मयंक शाक्य ने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथ बैग में पेट्रोल लेकर आया था। पहले उसने पलक का गला दबाकर उसकी हत्या की और जब वह बेहोश होकर दम तोड़ चुकी थी, तब शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद उसने गैस सिलेंडर की नली निकालकर गैस रिसाव का दृश्य तैयार किया, ताकि घटना हादसा प्रतीत हो और उस पर किसी को शक न हो।

छह साल पुराना था प्रेम संबंध

पुलिस जांच में सामने आया कि पलक और मयंक की मुलाकात करीब छह वर्ष पहले एक परिचित के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। मयंक पलक से शादी करना चाहता था, लेकिन पलक और उसके परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। परिजन उसके लिए दूसरी जगह विवाह की तैयारी कर रहे थे।

घटना वाले दिन भी दोनों के बीच शादी को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार बहस के दौरान पलक ने मयंक को थप्पड़ मार दिया। इसी बात से गुस्साए आरोपी ने कथित तौर पर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद उसने पूरी वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए पेट्रोल डालकर शव जला दिया और गैस रिसाव का झूठा दृश्य तैयार कर वहां से फरार हो गया।

वैज्ञानिक जांच से खुली हत्या की परतें

खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव ने बताया कि घटनास्थल की बारीकी से जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल विश्लेषण और साइबर जांच के आधार पर पुलिस ने मात्र 48 घंटे में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को हाथ में पेट्रोल की केन लेकर आते-जाते देखा गया था, जिसने पुलिस का संदेह और मजबूत कर दिया।

सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश पहले से बनाई गई थी या घटना विवाद के दौरान अचानक हुई।

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