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एक और प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी, 12 से ज्यादा सीईओ और आधा दर्जन कलेक्टर बदलने की चर्चा

भोपाल। मध्य प्रदेश में हाल ही में 29 आईएएस अधिकारियों के तबादलों के बाद अब एक और बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि राज्य शासन जल्द ही अधिकारियों की दूसरी सूची जारी कर सकता है, जिसमें जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) और कई जिलों के कलेक्टरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। हालिया फेरबदल में मंत्रालय, निगम-मंडलों और संभागीय स्तर पर बदलाव किए गए थे, जबकि अब फील्ड पोस्टिंग पर फोकस रहने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में जिला पंचायतों में पदस्थ कई वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर बनने की दौड़ में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन जिला पंचायत सीईओ और आधा दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। जिन अधिकारियों का जिलों में कार्यकाल दो वर्ष से अधिक हो चुका है, उन्हें नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। वहीं वर्ष 2011 और 2017 बैच के कई आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर की जिम्मेदारी दिए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

चर्चाओं के अनुसार, ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान सहित कुछ अधिकारियों के नाम संभावित बदलावों की सूची में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला पंचायतों में पदस्थ अधिकारियों में विवेक श्रोत्रिय, गिरीश मिश्रा, अदिति गर्ग, विवेक कुमार, अभिषेक चौधरी, अभय सिंह ओहरिया, नवनीत कुमार धुर्वे, काजल जावला और अन्य अधिकारियों को भी जिलों की कमान मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि शासन स्तर पर अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारों का मानना है कि राज्य सरकार प्रशासनिक कार्यों में गति लाने, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से यह फेरबदल कर सकती है। हाल ही में हुए तबादलों में भोपाल और रीवा संभाग को नए आयुक्त मिले हैं तथा कई विभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं, जिसके बाद दूसरी सूची की अटकलें और तेज हो गई हैं।

यदि यह सूची जारी होती है तो प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदल जाएगा और आगामी महीनों में विकास कार्यों तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजरें सामान्य प्रशासन विभाग के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं।

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