भोपाल। 80 साल की उम्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने धर्म रक्षा का बड़ा फैसला लिया है। दशहरे पर वे अयोध्या यात्रा निकालेंगे। इस यात्रा में किसी भी राजनीतिक नेता को शामिल होने का न्योता नहीं दिया जाएगा। पांच बार विधायक रह चुके दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को सक्रिय राजनीति छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि अब उनका पूरा समय धर्म रक्षा और सनातन धर्म के कार्यों के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें कई बड़े पद दिए हैं और अब समय है कि नए लोगों को अवसर मिले। उन्होंने दशहरे के दिन अयोध्या यात्रा शुरू करने की भी घोषणा की।
अब धर्म रक्षा ही मकसद
दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे सनातन धर्म को अच्छी तरह समझते हैं। साथ ही भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस की विचारधारा को भी जानते हैं। उनका कहना है कि अब उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि धर्म की रक्षा और समाज के लिए कार्य करना है। आगे का जीवन वे इसी संकल्प के साथ बिताना चाहते हैं।
80 साल की उम्र में लिया फैसला
अपनी उम्र का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि अब वे 80 वर्ष के हो चुके हैं। पार्टी ने उन्हें पांच बार विधायक बनाया। इसके अलावा दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा। उनका मानना है कि अब किसी और को यह अवसर मिलना चाहिए।
दशहरे पर अयोध्या यात्रा का ऐलान
दिग्विजय सिंह ने घोषणा की कि वे दशहरे के दिन अयोध्या यात्रा शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा पूरी तरह धर्म रक्षा के उद्देश्य से होगी और इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं होगा। यात्रा में किसी भी राजनीतिक दल या नेता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में हलचल
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल दिग्विजय सिंह के इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






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