नायब तहसीलदार की कोटवार की दादागीरी
देपालपुर।
सरकारी महकमों में सालों लोगों को गंभी समस्याओं की आदत नई नहीं है, लेकिन देपालपुर तहसील से जो मामला सामने आया है, उसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मामला एक नायब तहसीलदार साहब के कथित तुगलकी फरमान से जुड़ा है, जिसमें एक कोटवार को अपनी ही शासकीय सेवा भूमि से रास्ता देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बात नहीं मानने पर सीधे नौकरी से हटाने की धमकी तक दे डाली गई।
कलेक्टर पहुंचा मामला, कोटवार ने रोया प्रताड़ना का दुखड़ा
पीड़ित कोटवार समरथ ने इंदौर कलेक्टर के दरबार में पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि देपालपुर के नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह उनकी शासकीय सेवा भूमि (खसरा नंबर 144/1) पर बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के रास्ता निकलवाने का दबाव बना रहे हैं।
समरथ का कहना है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और ड्यूटी से भी हटाया गया। उनका आरोप है कि सिर्फ रास्ता नहीं देने की वजह से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
“आदेश नहीं माना तो नौकरी से हटा दूंगा”
शिकायत के मुताबिक नायब तहसीलदार ने मौखिक आदेश देते हुए कहा कि जमीन से रास्ता निकाला जाए। जब कोटवार ने नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई तो कथित रूप से उन्हें धमकी दी गई कि यदि आदेश नहीं माना तो नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
राजनीतिक दबाव और जमीन कारोबार के आरोप
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह पर भाजपा नेताओं से जुड़े जमीन मामलों में रुचि लेने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ फाइलें लंबे समय से लंबित हैं और बिना लेन-देन के कार्य आगे नहीं बढ़ते। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
न्याय की आस में कलेक्टर पहुंचे कोटवार
पीड़ित कोटवार ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच करता है तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।






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