अंडरपास के लिए करना होगा इंतजार, नेमावर रोड की ओर मिलेगा सीधा कनेक्शन
इंदौर। शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल बायपास–एमआर-10 चौराहे पर बन रहा फ्लायओवर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना को अगस्त के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि शेष कार्य समय पर पूरे हो गए तो अगले महीने के अंत तक इस फ्लायओवर पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। परियोजना की कुल लंबाई 180 मीटर है, जिसमें 30-30 मीटर के छह स्पान बनाए गए हैं। इन पर गर्डर लगाने का कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद स्लैब निर्माण, एप्रोच रोड, साइड कनेक्टिविटी, सुरक्षा बैरियर और फिनिशिंग का काम तेजी से किया जा रहा है।
24 महीने में पूरा होना था, लेकिन लग गए लगभग तीन साल
इस फ्लायओवर का निर्माण कार्य अगस्त 2023 में शुरू हुआ था और इसे 24 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि ट्रैफिक डायवर्जन, भारी वाहनों की आवाजाही, तकनीकी चुनौतियों और निर्माण संबंधी अन्य कारणों से परियोजना की गति कई बार प्रभावित हुई। अब लगभग तीन साल बाद यह परियोजना अंतिम चरण में पहुंची है।
अंडरपास का काम अभी बाकी
हालांकि फ्लायओवर शुरू होने के बाद भी यह परियोजना पूरी तरह पूर्ण नहीं मानी जाएगी। इसके नीचे प्रस्तावित हरदा रोड अंडरपास का निर्माण अभी बाकी है। अधिकारियों के अनुसार इस हिस्से को पूरा होने में 5 से 8 महीने और लग सकते हैं। यानी फ्लायओवर से ट्रैफिक को राहत जल्द मिलेगी, लेकिन पूरे जंक्शन का विकास और निर्बाध यातायात व्यवस्था स्थापित होने में अभी कुछ समय लगेगा।

बस स्टॉप बना जाम की वजह
एमआर-10 सर्विस रोड पर बना अस्थायी बस स्टॉप भी इस क्षेत्र में जाम की बड़ी वजह बना हुआ है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बसों के रुकते ही पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। सुबह और शाम के पीक आवर्स में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। फ्लायओवर शुरू होने के बाद इस समस्या में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
नेमावर रोड की ओर मिलेगा बेहतर कनेक्शन
फ्लायओवर शुरू होने के बाद बायपास से नेमावर रोड की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बिना चौराहे पर रुके सीधा मार्ग मिलेगा। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा। हालांकि अंडरपास बनने के बाद ही इस जंक्शन का विकास पूरी तरह पूरा माना जाएगा।






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