इन्दौर। मध्य प्रदेश में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। वहीं कुछ जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से 5 जुलाई तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
एरोड्रम स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग ने 3 जुलाई के लिए धार और बड़वानी जिलों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं 4 जुलाई को खरगोन जिले में भी अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इन जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने, जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने तथा सड़क यातायात बाधित होने की आशंका है। इसके अलावा हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सीहोर और आगर-मालवा जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर और कटनी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि लगातार बारिश के कारण नदियों और बांधों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने की भी संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।






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