कैमरा बंद मिला तो देना होगा जुर्माना, गंदगी फैलाने वालों पर भी रहेगी नजर
इंदौर। देश का सबसे स्वच्छ शहर अब सुरक्षा के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करने की तैयारी में है। नगर निगम की महत्वाकांक्षी सीसीटीवी सर्विलांस योजना तीन साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद अब धरातल पर उतरने जा रही है। योजना के तहत पूरे शहर में हजारों सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बिछाया जाएगा, जिसकी निगरानी एक अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर से होगी। खास बात यह है कि कैमरे लगवाने के बाद उन्हें चालू रखना भी अनिवार्य होगा। यदि कोई कैमरा जानबूझकर बंद रखा गया या अनुपयोगी पाया गया तो संबंधित व्यक्ति या संस्था पर जुर्माना लगाया जाएगा।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पहल पर तैयार इस योजना का उद्देश्य केवल अपराधों पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि इंदौर को तकनीक आधारित सुरक्षित शहर के रूप में विकसित करना भी है। नगर निगम के आईटी विभाग ने पूरे शहर में कैमरे लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। जुलाई में टेंडर खुलने के बाद चयनित एजेंसी कैमरों की डिजाइन, स्थापना, संचालन और रखरखाव का कार्य संभालेगी। योजना के अनुसार शहर के उन क्षेत्रों में, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग निवास करता है और स्वयं कैमरे लगाना संभव नहीं है, वहां नगर निगम अपने खर्च पर सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। ऐसे 12 हजार से अधिक स्थानों की पहचान की गई है। अन्य क्षेत्रों में नागरिकों और संस्थाओं के सहयोग से कैमरों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
इस पूरी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर होगा। यहां शहरभर में लगे कैमरों की लाइव फीड एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। इससे अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता निगरानी और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। नगर निगम का मानना है कि इस परियोजना से शहर की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।






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