इंदौर। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर नया तरीका अपनाकर युवक के बैंक खाते से लाखों रुपए उड़ा लिए। बड़गौंदा थाना क्षेत्र के एक युवक के मोबाइल फोन पर परिवहन विभाग की वेबसाइट जैसी दिखने वाली एक संदिग्ध साइट अचानक खुली और कुछ ही देर में एक एप्लीकेशन अपने-आप डाउनलोड हो गई। इसके बाद युवक के खाते से कुल 2 लाख 25 हजार रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए।
पुलिस के अनुसार गवली पलासिया निवासी गर्वित पिता नंदकिशोर पाटीदार ने मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 7 जून की रात करीब 10:30 बजे वह अपने नए मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान मोबाइल ब्राउजर पर परिवहन विभाग की वेबसाइट से मिलती-जुलती एक संदिग्ध साइट खुल गई। कुछ ही क्षणों में एक APK फाइल डाउनलोड होने लगी। पीड़ित के मुताबिक डाउनलोड प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल में कुछ असामान्य गतिविधियां दिखाई दीं। थोड़ी देर बाद बैंक खाते से राशि कटने के लगातार तीन मैसेज प्राप्त हुए। जब उन्होंने खाते की जानकारी जांची तो पता चला कि कुल 2 लाख 25 हजार रुपए अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि डाउनलोड हुई APK फाइल के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल कर साइबर अपराधियों ने बैंकिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की और खाते से रकम निकाल ली। पुलिस अब ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, वेबसाइट या अपने-आप डाउनलोड होने वाली फाइल पर भरोसा न करें। विशेष रूप से APK फाइल डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।




Total Users : 21205
Leave a comment