जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने जयपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान भारतीय राजनीति, भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और कांग्रेस की कार्यशैली को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि भारत व्यवहारिक रूप से हिंदू राष्ट्र की दिशा में आगे बढ़ चुका है, अब केवल इसकी औपचारिक घोषणा होना बाकी रह गई है।
भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना
गहलोत ने कहा कि भाजपा और आरएसएस लंबे समय से जिस विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं, आज देश में उसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों के कारण देश का राजनीतिक और सामाजिक माहौल लगातार बदल रहा है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर भी दबाव महसूस किया जा रहा है।
कांग्रेस की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने केवल भाजपा पर ही हमला नहीं बोला बल्कि कांग्रेस के भीतर की राजनीति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन की आवश्यकता है और पार्टी को जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिक मजबूती से काम करना चाहिए। गहलोत का मानना है कि यदि कांग्रेस ने समय रहते अपनी रणनीति और कार्यशैली में बदलाव नहीं किया तो विपक्ष की भूमिका और कमजोर हो सकती है।
चुनावी राजनीति पर दी प्रतिक्रिया
गहलोत ने कहा कि राजनीतिक दलों को केवल चुनाव जीतने की रणनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश के कई हिस्सों में राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा है, जिसका असर सामाजिक सौहार्द पर भी पड़ रहा है।
कांग्रेस की पुरानी गलतियों का जिक्र
मीडिया से चर्चा के दौरान गहलोत ने स्वीकार किया कि कांग्रेस से भी अतीत में कई राजनीतिक गलतियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को ढालना होगा और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भाजपा की बढ़ती ताकत पर टिप्पणी
गहलोत ने कहा कि भाजपा की वर्तमान राजनीतिक सफलता के पीछे उसका मजबूत संगठन, संसाधन और लगातार चुनावी अभियान प्रमुख कारण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने का लाभ भाजपा को मिल रहा है।
राजनीतिक बयान से बढ़ी हलचल
अशोक गहलोत के “देश हिंदू राष्ट्र बन चुका है, बस ऐलान बाकी है” वाले बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा समर्थक इसे कांग्रेस की हताशा बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस के कई नेताओं ने इसे देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर गहलोत की व्यक्तिगत राय बताया है।




Total Users : 21130
Leave a comment