इंदौर। नगर निगम मुख्यालय में महापौर परिषद (एमआईसी) की महत्वपूर्ण बैठक महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शहर विकास, जनसुविधाओं, राजस्व वृद्धि और आवासीय योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 25 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से अधिकांश को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई, जबकि संपत्तिकर और जलकर की दरों में परिवर्तन से जुड़े प्रस्ताव को फिलहाल निरस्त कर दिया गया।
संपत्तिकर और जलकर दरों में बदलाव का प्रस्ताव हटाया गया
बैठक में नगर निगम के राजस्व विभाग की ओर से संपत्तिकर एवं जलकर की दरों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया था। प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न जोनों में कर दरों में परिवर्तन किया जाना था, लेकिन इस पर व्यापक चर्चा के बाद इसे एजेंडे से हटा दिया गया। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव के लागू होने से शहरवासियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था। इसलिए फिलहाल निगम प्रशासन ने इसे आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया।
तीन मंजिल से अधिक ऊंची इमारतों पर फायर टैक्स
बैठक में शहर में बढ़ती बहुमंजिला इमारतों और अग्नि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि तीन मंजिल (G+3) से अधिक ऊंची इमारतों पर फायर टैक्स लगाया जाएगा। इससे प्राप्त राशि का उपयोग अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने, आधुनिक उपकरणों की खरीद और आपातकालीन व्यवस्थाओं के विस्तार में किया जाएगा। हाल के वर्षों में इंदौर में फायर सेफ्टी नियमों को लेकर प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है।
आउटडोर विज्ञापन नीति को मिली मंजूरी
नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति लगाए जा रहे होर्डिंग्स और विज्ञापनों को नियंत्रित करने के लिए नई आउटडोर विज्ञापन नीति पर भी निर्णय लिया गया। इसके तहत विज्ञापन एजेंसियों के लिए पंजीयन और लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया जाएगा। निगम का मानना है कि इससे अवैध विज्ञापनों पर रोक लगेगी और राजस्व में वृद्धि होगी।

8100 आवास इकाइयों के निर्माण को हरी झंडी
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 8100 नई आवासीय इकाइयों के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निगम कर्मचारियों से जुड़े फैसले
बैठक में निगम के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण और सेवा संबंधी मामलों पर भी सहमति बनी। साथ ही सफाई मित्रों एवं ड्रेनेज कर्मचारियों के लिए आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
शहर विकास परियोजनाओं को मिलेगा गति
महापौर परिषद ने शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इनमें जलप्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करना, ओवरहेड टैंक निर्माण, वर्षा जल संरक्षण, सड़क विकास कार्य, श्मशान एवं कब्रिस्तान प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा और शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
नागरिकों पर सीधा असर
बैठक के निर्णयों का सबसे अधिक प्रभाव बहुमंजिला भवनों के मालिकों और निर्माणकर्ताओं पर पड़ने की संभावना है। वहीं संपत्तिकर और जलकर की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव हटाए जाने से आम करदाताओं को फिलहाल राहत मिली है। दूसरी ओर फायर टैक्स के माध्यम से शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
नगर निगम का दावा है कि इन निर्णयों से शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी, राजस्व के नए स्रोत विकसित होंगे और नागरिक सुविधाओं में सुधार आएगा।




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