इंदौर संकेत प्रतिनिधि, भोपाल
● संगठन को मजबूत करने के लिए मप्र कांग्रेस ने अप्रैल में दो बड़े निर्णय लिए थे। पार्टी ने 25 मई से प्रत्येक ब्लॉक में जन संवाद सम्मेलन आयोजित करने और जून से घर-घर चलो अभियान शुरू करने की रूपरेखा तैयार की थी। जून का दूसरा पखवाड़ा चल रहा है और अब तक न घर-घर चलो अभियान का पता है और न ही जन संवाद सम्मेलन का। ऐसे में कांग्रेस अब तक वक्ताओं की सूची भी जारी नहीं कर पाई है। प्रतिभागियों के फाइनल इंटरव्यू मई में लिए जा चुके हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि जून में राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के मामले में पार्टी उलझी रही, इस कारण पार्टी की सभी गतिविधियां ठप हो गईं। मप्र कांग्रेस कमेटी ने अप्रैल में घर-घर चलो अभियान की रूपरेखा बनाई थी।
ब्लॉकों में 25 मई से शुरू होना था जन संवाद सम्मेलन
मप्र कांग्रेस ने अप्रैल में ब्लॉक स्तर पर जन संवाद सम्मेलन आयोजित करने की योजना भी बनाई थी। सम्मेलन 25 मई से शुरू होकर 25 जून तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। एक महीने में एक हजार से अधिक ब्लॉकों में जन संवाद सम्मेलन आयोजित किए जाने की रूपरेखा बनाई गई थी। इन सम्मेलनों की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्षों को सौंपी गई थी। मई में मीनाक्षी मामले के चलते जन संवाद सम्मेलन जून में आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। जून में मीनाक्षी नटराजन एपिसोड के चलते पार्टी की सभी गतिविधियां ठप हो गईं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने मई में मप्र कांग्रेस को अभियान शुरू करने के लिए अनुमोदन दे दिया था। इस अभियान में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर प्रत्येक परिवार से 100 रुपए की सहयोग निधि एकत्र करने वाले थे। पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 30 हजार परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
पार्टी ने तय किया था कि अभियान के दौरान एकत्रित होने वाली राशि का उपयोग जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किया जाएगा। अभियान के दौरान कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की समस्याओं और सुझावों को भी दर्ज करते, ताकि उन्हें भविष्य की रणनीति में शामिल किया जा सके। पार्टी नेताओं का मानना था कि इस अभियान से पार्टी और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा और संगठन की पकड़ मजबूत होगी।






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