इसी कड़ी में पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
वीओ.दरअसल आरोपी ने महज 10 हजार रुपये कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसका इस्तेमाल कर बुजुर्ग महिला से लाखों रुपये की ठगी की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते में ठगी की रकम के रूप में करीब 6 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उससे पैसे ऐंठ लिए। डर और मानसिक दबाव में आकर महिला ने आरोपियों के बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एरोड्रम थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गुजरात के जामनगर से गिरफ्तार किया। आरोपी को इंदौर लाकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह आरोपी केवल खाता उपलब्ध कराने की भूमिका में था, जबकि इस डिजिटल ठगी गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं, जो कॉल करने, स्क्रिप्ट तैयार करने और पैसों के ट्रांजेक्शन का काम करते हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। एरोड्रम थाना पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरे डिजिटल ठगी नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, डिजिटल अरेस्ट या सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
बाइट. कृष्णलाल चंदानी डीसी पी





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