इंदौर संकेत प्रतिनिधि
इंदौर। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इंदौर आ रहे हैं। वह इंदौर में 17 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वामित्व योजना शुरू करेंगे। लेकिन अब इंदौर के पटवारियों ने इस योजना का काम करने से इनकार कर दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महती स्वामित्व योजना के काम से इंदौर के पटवारियों ने हाथ खींच लिए हैं। मंगलवार को पटवारी संघ ने कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पटवारियों ने साफ कहा है कि वे 15 सितंबर से इस योजना का कोई काम नहीं करेंगे। पटवारियों ने इसके साथ ही अपनी कई दूसरी मांगें भी सरकार के सामने रखी हैं। खास बात यह है कि स्वामित्व योजना की शुरुआत 17 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर होनी है। इसी कार्यक्रम के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इंदौर आ रहे हैं। सुपर कॉरिडोर पर इस योजना का बड़े स्तर पर आयोजन प्रस्तावित है।
स्वामित्व योजना
मध्य प्रदेश में आबादी की जमीन पर रह रहे लोगों को उनकी जमीन और मकान का मालिकाना हक देने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को मुफ्त में रजिस्ट्री की सुविधा दी जाएगी। योजना के तहत राजस्व निरीक्षक, प्रभारी राजस्व निरीक्षक, पंचायत समन्वय अधिकारी और सहायक विकास विस्तार अधिकारी को भी सब रजिस्ट्रार के अधिकार दिए गए हैं। प्रदेश में करीब 50 लाख हितग्राहियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ने हर अधिकारी-कर्मचारी को एक दिन में कम से कम 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य दिया है।
पटवारी विरोध
स्वामित्व योजना में पटवारी को रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी बनाया गया है। प्रदेशभर के पटवारी इसी बात का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि भविष्य में रजिस्ट्री को लेकर कोई कानूनी विवाद हुआ तो पटवारी के बचाव की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। पटवारियों का कहना है कि अब तक उन्होंने योजना में सहयोगी की भूमिका निभाई है और जरूरी मदद भी की है। लेकिन अब इस काम को आगे करना उनके लिए संभव नहीं है। उनका कहना है कि रजिस्ट्री करना पटवारियों के मूल विभाग के काम में शामिल नहीं है।





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