इंदौर। शहर में वायु गुणवत्ता के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में इंदौर को स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शहर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों को नियंत्रित करने के लिए निगम और प्रशासन की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। पौधारोपण से लेकर सड़कों की सफाई तक कई उपाय किए गए हैं।
इन प्रयासों से मिली उपलब्धि को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लाखों पौधे लगाए गए हैं। सड़कों के किनारे, डिवाइडरों, खुले स्थानों और अन्य उपलब्ध क्षेत्रों में हरियाली विकसित करने पर जोर दिया गया है।
दीवाली की उपयोगिता
शहर में ईवी वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं में इलेक्ट्रिक विकल्पों को बढ़ावा मिलने से भविष्य में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी की उम्मीद है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य इंदौर में प्रदूषण के स्रोतों को नियंत्रित कर स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार करना है। राष्ट्रीय स्तर पर मिला पुरस्कार इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए शहर के लिए प्रोत्साहन माना जा रहा है।
धूल पर विशेष फोकस
वायु प्रदूषण में सड़कों की धूल की बड़ी भूमिका को देखते हुए शहर में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है। धूल नियंत्रण के लिए 38 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग वाहन शहर की प्रमुख सड़कों और व्यस्त मार्गों की नियमित सफाई करती हैं। इसके अलावा सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
कचरा प्रबंधन पर जोर :
शहर की सफाई व्यवस्था को वायु गुणवत्ता सुधार से जोड़ा गया है। घर-घर से कचरा संग्रहण के साथ वेस्ट सेग्रीगेशन पर जोर दिया जा रहा है। गीले और सूखे कचरे को अलग कर उनके वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन और पुन: उपयोग की व्यवस्था विकसित की गई है। कचरे के प्रसंस्करण और रिसाइक्लिंग से खुले में कचरा जलाने की समस्या को कम करने में मदद मिलती है।






Total Users : 31829
Leave a comment