चारों लिफ्ट बंद, हजारों मरीजों की प्रतिदिन आवाजाही,सबसे बड़े अस्पताल में बुजुर्ग और गंभीर मरीज सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर.पीडब्ल्यूडी विभाग का मेंटेनेंस भुगतान अटकने से बिगड़ी व्यवस्था
इंदौर संकेत प्रतिनिधि
इंदौर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल एमवायएच की नई ओपीडी में मरीजों को इलाज से पहले ही ‘चढ़ाई’ पार करनी पड़ रही है। यहां मरीजों को मंजिलों तक पहुंचाने वाली चारों लिफ्ट एक साथ बंद पड़ी हैं। नतीजा यह है कि रोजाना 3 हजार से ज्यादा मरीजों की आवाजाही वाले ओपीडी भवन में बुजुर्ग, गंभीर और चलने-फिरने में असमर्थ मरीज सीढ़ियों के सहारे ऊपर-नीचे होने को मजबूर हैं।
लिखित शिकायत की-हैरानी की बात यह है कि लिफ्टों के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी जिस पीडब्ल्यूडी की है, उसका अस्पताल पर करीब ढाई करोड़ रुपए का भुगतान बकाया बताया जा रहा है। भुगतान और मेंटेनेंस के बीच मरीजों की सुविधा पिस रही है। नई ओपीडी में चारों लिफ्ट बंद होने की शिकायत अस्पताल प्रबंधन संबंधित विभाग को लिखित रूप से कर चुका है, लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब हजारों मरीज रोजाना यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं तो लिफ्ट जैसी मूलभूत सुविधा को दुरुस्त रखने के लिए समय पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
डॉक्टर-स्टाफ भी हो रहे परेशान
लिफ्टों के बंद होने का असर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। रोजाना कई बार अलग-अलग मंजिलों पर आने-जाने वाले स्टाफ को सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। मेडिकल दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामान को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचाने में भी अतिरिक्त समय लग रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी अस्पताल की ऐसी सुविधा, जिस पर रोज हजारों मरीज निर्भर हैं, वह भुगतान और विभागीय प्रक्रिया के बीच कब तक बंद रहेगी? अस्पताल में मरीजों को बीमारी से लड़ना है, व्यवस्था की लापरवाही से नहीं। चारों लिफ्टों को जल्द शुरू नहीं किया गया तो यह समस्या आने वाले दिनों में गंभीर रूप ले सकती है।
तीन मंजिल, हजारों मरीज और सीढ़ियां बनीं सहारा
नई ओपीडी की तल मंजिल पर पर्ची काउंटर के अलावा आर्थोपेडिक्स और सर्जरी विभाग है। पहली और दूसरी मंजिल पर मेडिसिन, चर्म रोग, मनोरोग, एआरटी और चेस्ट सहित कई महत्वपूर्ण विभाग संचालित हो रहे हैं। इन विभागों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं और इनमें बुजुर्ग तथा गंभीर मरीजों की संख्या भी कम नहीं है। लिफ्ट बंद होने के बाद मरीजों को सीढ़ियों से मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है। कई बुजुर्ग मरीज कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद रुककर आराम करते दिखाई देते हैं। गंभीर मरीजों और चलने-फिरने में परेशानी वाले मरीजों के लिए यह परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। अटेंडरों को भी मरीजों को सहारा देकर ऊपर ले जाना पड़ रहा है।






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