नियमों का हवाला देकर पास जारी करने से किया इनकार, प्रशासनिक अधिकारियों की नाराजगी के बाद बढ़ा विवाद, वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर दोनों को मिली राहत
इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर वीवीआईपी (VVIP) एंट्री पास को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि वीवीआईपी पास जारी नहीं होने से नाराज प्रशासनिक अधिकारियों ने एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर और “मे आई हेल्प यू” काउंटर पर तैनात एक कर्मचारी को एयरपोर्ट थाना भिजवा दिया। मामला तब शांत हुआ जब वरिष्ठ स्तर पर हस्तक्षेप किया गया और दोनों को थाने से छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संभावित इंदौर दौरे की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई अधिकारी एयरपोर्ट पहुंचे थे। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा निरस्त हो गया, लेकिन इसी दौरान वीवीआईपी एंट्री पास जारी करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, ड्यूटी पर मौजूद टर्मिनल मैनेजर मेघराम मीणा को कुछ अधिकारियों के लिए टर्मिनल एंट्री पास जारी करने के निर्देश दिए गए। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) द्वारा एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था और पास जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब टर्मिनल मैनेजर के पास इस प्रकार के वीवीआईपी एंट्री पास जारी करने का अधिकार नहीं है। मेघराम मीणा ने अधिकारियों को बताया कि वर्तमान व्यवस्था में यह अधिकार केवल एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह कौरव और सीनियर टर्मिनल मैनेजर सेठीलाल के पास है। उन्होंने नियमों का पालन करने की बात कहते हुए संबंधित अधिकारियों से अधिकृत अधिकारी के माध्यम से पास जारी कराने का आग्रह किया।

बताया जाता है कि नियमों का हवाला दिए जाने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में विवाद का रूप ले बैठी। आरोप है कि इसी दौरान एक पुलिस अधिकारी ने टर्मिनल मैनेजर मेघराम मीणा और “मे आई हेल्प यू” काउंटर पर कार्यरत एक कर्मचारी को एयरपोर्ट थाना ले जाने के निर्देश दे दिए। दोनों को थाने ले जाकर काफी देर तक बैठाए रखा गया। घटना की जानकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद उच्च स्तर पर हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद दोनों कर्मचारियों को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एयरपोर्ट प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच समन्वय तथा अधिकारों के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
एयरपोर्ट कर्मचारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी नियमों का पालन करने वाले कर्मचारियों पर ही दबाव बनाया जाएगा तो इससे कार्यप्रणाली प्रभावित होगी और भविष्य में कर्मचारी नियमों का पालन करने से भी हिचकेंगे। कर्मचारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले में जिला प्रशासन, पुलिस या एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि एयरपोर्ट परिसर में हुई इस घटना की चर्चा पूरे प्रशासनिक महकमे में बनी हुई है और मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।






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