मध्य प्रदेश में शराब पीने के आंकड़ों का विश्लेषण
इंदौर। मध्य प्रदेश में शराब पीने के पैटर्न में बदलाव दिख रहा है, जो मिली-जुली तस्वीर पेश करता है। हालिया नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे से पता चलता है कि राज्य में शराब पीने वाली महिलाओं के प्रतिशत में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जिससे मध्य प्रदेश राष्ट्रीय औसत से थोड़ा ऊपर आ गया है। वहीं, पुरुषों में शराब पीने की दर राष्ट्रीय औसत से थोड़ी कम बनी हुई है, हालांकि पिछले सर्वे की तुलना में इसमें भी बढ़ोतरी हुई है।
सर्वे के नतीजे सरकारी आंकड़ों के साथ आए हैं, जिनसे पता चलता है कि शराब की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसमें ‘ठंडी बीयर’ राज्य में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली शराब बनकर उभरी है, जिसने देसी शराब और भारतीय-निर्मित विदेशी शराब (IMFL) दोनों को पीछे छोड़ दिया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 29 मई को जारी नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, मध्य प्रदेश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की 1.2% महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जो 1.1% के राष्ट्रीय औसत से थोड़ा अधिक है। ताजा आंकड़े (2023-24) 2019-21 के मुकाबले मामूली बढ़ोतरी दर्शाते हैं, जब मध्य प्रदेश में 1% महिलाएं शराब पीने की बात कहती थीं।
दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर रुझान इसके उलट रहा है। पूरे भारत में शराब पीने वाली महिलाओं का अनुपात 2019-21 के 1.3% से घटकर 2023-24 में 1.1% हो गया। जहां देश में महिलाओं के शराब पीने में कमी देखी गई, वहीं मध्य प्रदेश में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पुरुषों की बात करें तो मध्य प्रदेश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 18.5% पुरुषों ने शराब पीने की बात कही, जो 18.9% के राष्ट्रीय औसत से थोड़ा कम है।





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