इंदौर। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत बुधवार को इंदौर दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने पत्रकार वार्ता कर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सुप्रिया श्रीनेत ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले को उठाते हुए कहा कि एक आम नागरिक सरकार से साफ पानी और मूलभूत सुविधाओं की अपेक्षा करता है, लेकिन भाजपा सरकार इन बुनियादी जिम्मेदारियों पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
कांग्रेस नेत्री ने कहा कि इंदौर को स्मार्ट सिटी और आठ बार स्वच्छता में नंबर वन बताया जाता है। भाजपा नेता पूरे देश में स्वच्छता का ढोल पीटते हैं, लेकिन उसी इंदौर में दूषित पानी के कारण 32 लोगों की मौत हो गई और अब तक कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया है।
सरकार से सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब तक भागीरथपुरा क्यों नहीं पहुंचे। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने अब तक पीड़ित परिवारों का हालचाल क्यों नहीं लिया और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस पूरे घटनाक्रम पर चुप क्यों हैं।
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
सुप्रिया श्रीनेत ने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें गिनाते हुए कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लिया जाए, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए और मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मृतक परिवारों के परिजनों को राहुल गांधी से मिलने को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
इंदौर की घटना के साथ-साथ सुप्रिया श्रीनेत ने देश से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने ट्रेड से जुड़े विषयों, संसद में राहुल गांधी के मुद्दे और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संबंधित मामलों पर भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि भागीरथपुरा के मुद्दे को लेकर कांग्रेस इसे अभियान के रूप में चलाएगी और जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक पार्टी लगातार यह मुद्दा उठाती रहेगी।




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