केन्या का रहने वाला विदेशी नागरिक रिचर्ड एस. मायका पिछले 27 वर्षों से बिना वीज़ा और पासपोर्ट के शहर में रह रहा है, और प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। चौंकाने वाली बात यह है कि रिचर्ड का वीज़ा 30 जून 1998 को ही समाप्त हो चुका था, लेकिन वह आराम से इंदौर में किराए पर मकान लेकर रह रहा है। अब मामला सामने आने के बाद पुलिस मकान मालिक पर कार्रवाई करने के साथ ही रिचर्ड को डिपोर्ट करने की कार्रवाई करने जा रही है।
दरअसल रिचर्ड को लेकर अंदर पुलिस ने 2018 में एमआईजी थाना पुलिस के माध्यम से पकड़ा भी गया था, लेकिन उसे किसी कारण वश डिपोर्ट नहीं किया जा सका लेकिन इस बीच पुलिस ने उसके ठिकाने और गतिविधियों पर कोई निगरानी नहीं रखी। जानकारी मिली है कि रिचर्ड भारतीय मोबाइल नंबर चला रहा है, जिसकी जानकारी किसी विभाग के पास दर्ज नहीं है। उससे भी खतरनाक बात यह कि उसके फेसबुक अकाउंट पर हिंसा भड़काने वाले वीडियो, उत्तेजक पोस्ट और खून-खराबे वाले कंटेंट भरे पड़े हैं और उसके फॉलोअर्स हजारों में हैं, लेकिन उसकी फ्रेंडलिस्ट में इंदौर का एक भी व्यक्ति नहीं है। पुलिस के एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया के मुताबिक खुफिया एजेंसियों की जांच में पता चला है कि रिचर्ड लंबे समय से इंदौर में रह रहा है उसके खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की गई थी लेकिन किसी कारणवश उसे डिपोर्ट नहीं किया जा सका अब पुलिस क्षेत्रीय एसीपी और थाना प्रभारी के माध्यम से मकान मालिक और रिचर्ड पर कार्रवाई करने जा रही है साथ ही उसे डीपोर्ट करने की व्यवस्था भी जुटाई जा रही है। दंडोतिया के मुताबिक वह शहर में गोपनीय रूप से किसी नेटवर्क के लिए सक्रिय हो सकता है। उधर, शहर में विदेशी नागरिकों से जुड़े अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में नारकोटिक्स विंग ने अफ्रीकी युवती को 15 लाख की कोकीन के साथ पकड़ा था। अब FRRO और क्राइम ब्रांच दोनों इस मामले में सक्रिय हुए हैं। नई इमिग्रेशन फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत ऐसे अवैध प्रवासियों पर 5 से 7 साल की सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
बाइट – राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी क्राइम




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