इंदौर क्राइम ब्रांच में फिर एक डिजिटल अरेस्ट का अपराध दर्ज हुआ है दर्ज अपराध पर फरियादी को लेकर क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी साथ ही इस तरीके से अपराधों से बचाने को लेकर एक अपील भी जारी की है…
– फरियादी निजी कंपनी में क्लर्क सीनियर सिटीजन के साथ एक डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आने पर फरियादी द्वारा इंदौर क्राइम ब्रांच में मामले की जानकारी दी गई जिस पर मुकदमा दर्ज करते हुए डिजिटल अरेस्ट करने वालों ने जिन तीन बैंक अकाउंट में रुपया ट्रांसफर कराया था उन्हें फ्रिज कर दिया है और मामले में टेक्निकल एविडेंस के आधार पर आगे कार्यवाही की जा रही है मामले की जानकारी देते हुए राजेश दंडोतिया ने बताया कि फरियादी के पास एक फोन आया जिसमें कहा गया कि आपकी सिम का गलत इस्तेमाल हुआ है साथ ही आपका आधार कार्ड से एक बैंक अकाउंट खोला गया है जिसमें गलत तरीके से पैसा आया है फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया और कहां की आपके खिलाफ मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में अपराध पंजीबद्ध है फरियादी से बात करते हुए फिर उसकी वीडियो कॉल पर लिया और और कहां गया कि इस संबंध में किसी को नहीं बताना है यदि किसी को बताया तो वो भी आरोपी बनेंगे बात करते-करते फरियादी से खाता संबंधी जानकारी लेते हुए तकरीबन उनके और उनकी पत्नी के अकाउंट से 27 लाख 60 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए गए… बता दे की फरियादी को 20 नवंबर से लेकर 1 दिसंबर तक समय-समय पर डिजिटल अरेस्ट किया गया… रुपया ट्रांसफर हो जाने के बाद फरियादी को कहा गया कि आपके पैसे को वेरिफाइड करेंगे यदि आपका पैसा लीगल है तो आपका पैसा आपको लौटा दिया जाएगा समय बिताता गया और फरियादी ने फोन करने वाले को फोन लगाया तो फोन नहीं लगा उठा नहीं तब फरियादी समझे कि उनके साथ फ्रॉड हुआ है जिसकी सूचना उन्होंने क्राइम ब्रांच में दी और मामले में फिर दर्ज कर लेने के बाद पुलिस अब आगे कार्यवाही कर रही है…
बाइट – राजेश दंडोतिया एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर




Total Users : 9798
Leave a comment