इंदौर के सराफा बाजार में काम कर रहे, संदिग्ध और अवैध बांग्लादेशी कारीगरों पर, अब सख्ती की तैयारी है। ज्वैलरी उद्योग की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने, सराफा व्यापारियों एक कार्यक्रम में संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि बिना वैध दस्तावेज वाले बांग्लादेशी मजदूरों को न रखा जाए और न ही उनसे काम कराया जाए, यह सुनिश्चित करना आपका काम है।
महापौर ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए, कि कोई भी कारीगर वोटर लिस्ट में दर्ज वैध भारतीय नागरिक हो और ऐसा नहीं है, तो उनसे काम न करवाना ओर डिपोर्ट करना हमारी जिम्मेदारी है, उन्होंने कहा कि कुछ लोग बांग्लादेश से इंदौर में आकर बिना किसी पहचान-पत्र के सोने-चांदी के आभूषण निर्माण में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि बिना पहचान वाले ऐसे व्यक्तियों का इंदौर में रहना और काम करना सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह है। सराफा व्यापारिक संगठनों की ज़िम्मेदारी है, कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में कार्यरत कारीगरों की पूरी पहचान सत्यापन रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराएँ। महापौर ने कहा कि जिन कारीगरों के पास कोई दस्तावेज नहीं, उन्हें भी अब पता है कि इंदौर में ग़ैरक़ानूनी रूप से काम नहीं चल पाएगा। व्यापारी उन्हें पहले ही स्पष्ट कर दें कि पहचान पत्र के बिना अब नौकरी नहीं मिलेगी।
बाइट – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर
वी ओ – वहीं पूरे मामले में शराब संगठन का कहना है कि उनके यहां बंगाल के कारीगर तो हैं लेकिन बांग्लादेश के नहीं उसके बाद भी अभी कोई कारीगर बांग्लादेश का अवैध तरीके से यहां रह रहा होगा तो इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को देंगे और कड़ी कार्रवाई करवाएंगे
बाइट – अजय लाहोटी, कोषाध्यक्ष सराफा व्यापारी एसोसिएशन, इंदौर
वी ओ – अब देखना होगा, कि कितने बांग्लादेशी कारीगर सामने आते हैं, जो अवैध तरीके से इंदौर में रह रहे हैं और उन पर क्या कार्रवाई होती है?





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