बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कैलाश विजयवर्गीय ने बताया- जनप्रतिनिधियों के साथ मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा की. उन्होंने सिर्फ भागीरथपुरा ही नहीं बल्कि पूरे इंदौर के विकास के बारे में अध्ययन किया. निश्चित ही भागीरथपुरा केंद्र बिंदु बना हुआ है और भागीरथपुरा में काफी तेजी से स्थिति सुधर रही है बीमारों की संख्या में कमी हुई हैं. स्वास्थ्य विभाग की मदद से अब हम प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण करवा रहे हैं. इसके लिए टीम भगारतपुरा में तैनात है.
अभी पाइपलाइन ओर ड्रेनेज़ का काम चल रहा है और 30% पाइपलाइन डल चुकी है और टेस्टिंग भी हो गई है. जब हमें लगेगा की यह पानी पीने योग्य है तो सप्लाई चालु कर दी जायेगी. ट्यूबवेल का पानी लोग पीने के लिए नहीं इस्तेमल करने के लिए ले यही आग्रह हैं और पानी उबाल कर पिए. फिलहाल डेढ़ महीना लगेगा पूरे क्षेत्र में पाइपलाइन डलने में.
अधिकारियों की संख्या कम है इसीलिए एक कमेटी बना दी गई हैं, जिसमें भर्ती प्रक्रिया की जाएगी. 105 टांकिया है नर्मदा पानी की जिसमें पानी जांच का सिस्टम लगाया जाएगा.
बोरिंग में सबसे ज्यादा समस्या है पानी की इसीलिए इस पर विचार करना पड़ेगा, नवीन बोरिंग की परमिशन न देने का आग्रह किया गया है.





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