“इश्क, इंतज़ार और ऑपरेशन”
अजब प्रेम की गजब कहानी
नेनशु से नमन तक का सफर
अनोखे प्यार से बदली जिंदगी की पहचान
छोटे गांव का बड़ा मामला
एंकर: प्यार के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते, लेकिन मध्य प्रदेश के अशोकनगर से जो खबर आई है, उसने सबको हैरान कर दिया है। यह कहानी है एक ऐसी लड़की की, जिसने अपने प्यार को पाने के लिए न केवल अपनी पहचान बदली, बल्कि समाज की बंदिशों को तोड़कर एक नया इतिहास रच दिया। 6 लाख रुपये, तीन सर्जरी और तीन साल का कड़ा संघर्ष… आखिर कैसे नेनशु बनी नमन? देखिए हमारी खास रिपोर्ट।”
वीओ: अशोकनगर जिले का छोटा सा कस्बा पिपरई। यहाँ के बरखेड़ा गांव की रहने वाली 25 साल की नेनशु की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। नेनशु का जन्म तो लड़की के रूप में हुआ, लेकिन उसका मन हमेशा लड़कों की तरह रहा। घर की चारदीवारी में वो अपनी इच्छाएं दबाती रही, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तीन साल पहले नेनशु पढ़ाई करने इंदौर गई। यहीं उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए असम की अनिता राजवर से हुई। दोस्ती हुई, फिर प्यार हुआ और दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। लेकिन चुनौती बड़ी थी, दो लड़कियां समाज में एक साथ कैसे रहेंगी?
वीओ 2: प्यार को मुकाम तक पहुंचाने के लिए नेनशु ने अपना जेंडर बदलने का फैसला किया। दिल्ली के डॉक्टरों ने खर्च बताया 6 लाख रुपये। एक साधारण परिवार की नेनशु के पास इतने पैसे नहीं थे। लेकिन जहां चाह वहां राह! नेनशु और अनिता ने हार नहीं मानी। दोनों ने मिलकर दिन-रात मेहनत की, नौकरी की और तीन साल में एक-एक रुपया जोड़कर 6 लाख रुपये इकट्ठे किए और दिल्ली के अस्पताल में 5 महीने तक नेनशु का इलाज चला। तीन बड़ी सर्जरी हुई और आखिरकार नेनशु पूरी तरह से एक लड़के में तब्दील हो गई। सर्जरी के बाद नेनशु अब ‘नमन’ बन चुका था। नमन ने न केवल अपनी पहचान बदली, बल्कि अनिता के साथ शादी कर अपने वादे को भी पूरा किया। एक छोटे से गांव से सामने आया यह दिलचस्व मामला अब हर जगह चर्चाओं का विषय बना हुआ है।
बाइट: नमन
बाइट: नमन की पत्नी
बाइट: नमन की मां




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