इंदौर
– इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के बाद, बीमार हुए लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। वहीं प्रशासन और डॉक्टर ऐसे लोगों की मौत दूसरी बीमारी से होना बता रहे हैं। बद्री प्रसाद ऐसे ही मृतक हैं जिन्हें डेरा के चलते भर्ती किया गया था और शुक्रवार की उनकी मौत हो गई। आज गुस्साए परिजनों ने सड़क पर रखकर चक्का जाम किया और मुआवजे की मांग की।
– इंदौर के भागीरथपुरा में, दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हुए और कुछ की मौत हुई। डायरिया के चलते जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती किया था, उनकी मौत होने के बाद, डॉक्टर उन्हें अन्य बीमारी होना बता रहे हैं। जिसका परिजन पुरजोर विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार रात, 63 साल के बद्री प्रसाद की मौत के बाद भी ऐसा ही हुआ।
बाइट – अनिकेत, मृतक का नवासा
– भागीरथपुरा के निम्न आय वर्ग के लोग अचानक अपने परिजन के जाने से दुखी तो है ही, उनके पास अंतिम संस्कार करने तक के पैसे नहीं हैं। ऐसे में जब डॉक्टर ने मौत का कारण कुछ और बताया, तो उन्हें सहायता राशि भी नहीं मिलनी है। जिसके चलते गुस्साए परिजनों ने, सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। एक महीने पहले शैलेन्द्र की पत्नी की भी मौत दूषित पानी से होना बता रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ही, इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से इनकार करते हुए, राजनीति कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष, महापौर और कैलाश विजयवर्गीय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए, उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे मृतकों के परिजनों को एक करोड़ के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बाइट – चिंटू चौकसे, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम, इंदौर
– दूषित पानी के मामले में यह बड़ी विडंबना है, कि डायरिया के कारण भर्ती मरीजों का डायरिया ठीक होने के बाद, जब उनकी मौत हो रही है, तो डॉक्टर उनकी दूसरी बीमारियों का हवाला देकर, मौत होना बता रहे हैं। आरोप है, कि डायरिया के बाद, लोगों की किडनी, लीवर और फेफड़े खराब हो रहे हैं।
ऐसे में, नियम के अनुसार परिजनों को सहायता राशि नहीं मिलेगी, जो उनकी परेशानी का सबसे बड़ा कारण है।




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