एंकर: देवास से सामने आए एक विवादित सरकारी आदेश ने मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होने के बाद उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने SDM आनंद मालवीय को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
दअरसल ये पूरा मामला 3 जनवरी 2026 का है, जब देवास SDM कार्यालय ने कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनज़र कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी आदेश जारी किया था। इस आदेश में तय प्रशासनिक भाषा के बजाय इंदौर में कथित गंदे पानी से हुई मौतों के आंकड़े, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी और कांग्रेस के विरोध कार्यक्रम का विस्तृत उल्लेख शामिल कर दिया गया। आमतौर पर ऐसे आदेशों में केवल ड्यूटी से जुड़ी जानकारी दी जाती है, लेकिन राजनीतिक आरोप और प्रदर्शनकारियों की शब्दावली शामिल होने से मामला गंभीर हो गया। कलेक्टर ऋतुराज सिंह की रिपोर्ट के बाद संभाग आयुक्त ने SDM आनंद मालवीय को सस्पेंड कर दिया, वहीं कार्यालय में तैनात सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी निलंबन का सामना करना पड़ा है।
अभिषेक शर्मा को देवास का नया SDM बनाया गया है। निलंबन आदेश में कहा गया है कि बिना जांच-पड़ताल के संवेदनशील विषय पर गलत तथ्यों का उपयोग किया गया, जो म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के अंतर्गत कदाचार है। निलंबन अवधि के दौरान आनंद मालवीय का मुख्यालय उज्जैन रहेगा और उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही मिलेगा। प्रशासनिक हलकों में इसे कॉपी-पेस्ट की बड़ी चूक माना जा रहा है, लेकिन सरकार विरोधी सामग्री को आधिकारिक आदेश का हिस्सा बनाना प्रशासन ने अक्षम्य लापरवाही माना है।






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