और महत्वपूर्ण आयोजन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और महाराष्ट्र से लगभग 110 पदाधिकारी और कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह सरकार्यवाह भैया जोशी और HSSF के राष्ट्रीय संयोजक गुणवन्त सिंह कोठारी रहे, जिनके साथ कई मठों, मंदिरों और सेवा भावी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। गणमान्य व्यक्तियों में मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, प्रवीण कक्कड़, सुमित सूरी, डॉ. दिव्या गुप्ता, अभिषेक चतुर्वेदी, डॉ. प्रवीण अग्रवाल सहित नगर के अनेक प्रबुद्धजन भी उपस्थित थे।
अधिवेशन के अंतर्गत नगर में चार स्थानों पर समरसता भोज का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न जाति-समाजों के प्रतिनिधियों के साथ मठ-मंदिरों और सेवा संस्थाओं से जुड़े लोग सम्मिलित हुए। अतिथियों को HSSF और MCCTF की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। इन आयोजनों में माँ कनकावरी संस्कार केंद्र, परदेशीपुरा में अखिल भारतीय बैरवा महासभा द्वारा सहभोज और गोष्ठी का आयोजन हुआ, जबकि ओमनी स्कूल, खजराना स्थित गणेश मंदिर और अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार के कार्यक्रम संपन्न हुए। अधिवेशन का एक प्रमुख आकर्षण प्रबुद्धजन चर्चा सत्र रहा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, पारिवारिक मूल्यों की पुनस्थापना, नारी सम्मान, छात्र-शिक्षक संबंधों के सुदृढीकरण और देशभक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान भैया जी जोशी ने कहा कि भारत विश्व में सुपर पावर नहीं बल्कि आदर्श राष्ट्र बने इसके लिए ईश्वर ने नियोजन कर रखा है, लेकिन माध्यम हम सभी हैं। हमें शैक्षिक, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक आदि सभी क्षेत्रों में आदर्श स्थापित करने होंगे। गुणवन्त सिंह कोठारी ने अधिवेशन की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए समाज में नारी सम्मान, शिक्षक सम्मान और अनुशासन की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं राधेश्याम शर्मा ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी का आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने समाज के प्रत्येक वर्ग से आह्वान किया कि इन सभी विषयों पर ठोस कार्ययोजनाएँ बनाई जाएं और उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में सभी मिलकर प्रयास करें।






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